आईएएस अधिकारियों के प्रभार में हुए फेरबदल मुख्यमंत्री सचिवालय ने जारी किए नए आदेश। आईएएस अधिकारियों को संभागवार दी गई नोडल अधिकारी की नई जिम्मेदारी. राज्य में प्रशासनिक कसावट लाने सुशासन वाली सरकार की पहल

आईएएस अधिकारियों के प्रभार में हुए फेरबदल मुख्यमंत्री सचिवालय ने जारी किए नए आदेश। आईएएस अधिकारियों को संभागवार दी गई नोडल अधिकारी की नई जिम्मेदारी. राज्य में प्रशासनिक कसावट लाने सुशासन वाली सरकार की पहल kshititech

आईएएस अधिकारियों के प्रभार में हुए फेरबदल मुख्यमंत्री सचिवालय ने जारी किए नए आदेश। आईएएस अधिकारियों को संभागवार दी गई नोडल अधिकारी की नई जिम्मेदारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के कार्यों का नया बंटवारा करते हुए छह वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय, जवाबदेही और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। साथ ही पहली बार संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति भवन, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद समन्वय, मुख्यमंत्री की विशेष परियोजनाओं तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सचिव मुकेश कुमार बंसल कृषि, ऊर्जा, खाद्य, आबकारी समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की निगरानी करेंगे। वहीं सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, स्वास्थ्य सहायता योजना, स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सचिव राहुल भगत को गृह, परिवहन, पर्यटन, खेल, महिला एवं बाल विकास सहित कई अहम विभागों का प्रभार दिया गया है। विशेष सचिव रजत बंसल सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार (RTI), पंचायत, शिक्षा एवं आवास विभाग से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन, शिकायत निवारण, राजस्व, नगरीय प्रशासन तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार ने पहली बार संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके तहत रायपुर संभाग के लिए मुकेश बंसल, बिलासपुर के लिए पी. दयानंद, बस्तर के लिए राहुल भगत, सरगुजा के लिए रजत बंसल तथा दुर्ग संभाग के लिए प्रभात मलिक को नोडल अधिकारी बनाया गया है।नियुक्त नोडल अधिकारी अपने-अपने संभागों में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी

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