समाज सेवा का सबसे बड़ा कार्य- रायपुर के समाजसेवी हरिवल्लभ अग्रवाल के मामा जी ने किया अनुकरणीय कार्य, डेढ़ सौ साल पुरानी तीन मंजिला धर्मशाला का किया स्वयं से जीणोद्धार, डोंगरगढ़ के समीप स्थित है यह धर्मशाला

समाज सेवा का सबसे बड़ा कार्य- रायपुर के समाजसेवी हरिवल्लभ अग्रवाल के मामा जी ने किया अनुकरणीय कार्य, डेढ़ सौ साल पुरानी तीन मंजिला धर्मशाला का किया स्वयं से जीणोद्धार, डोंगरगढ़ के समीप स्थित है यह धर्मशाला kshititech
श्री धनुषधारी जी द्वारा जीर्णोद्धार की गई धर्मशाला

रायपुर के समाजसेवी हरिवल्लभ अग्रवाल के मामा जी ने किया अनुकरणीय कार्य, डेढ़ सौ साल पुरानी तीन मंजिला धर्मशाला का किया स्वयं से जीणोद्धार

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- छत्तीसगढ़ प्रदेश की धर्म नगरी डोंगरगढ़ के समीप छोटे से गांव बेलगांव में श्री धनुषधारी जी ने जो कि स्वयं मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं तथा उन्होंने डेढ़ सौ साल पुरानी श्री शादी राम जी अग्रवाल द्वारा तत्कालीन समय में गांव में स्कूल,धर्मशाला एवं अस्पताल के लिए भवन बनवाया गया था,तथा इस धर्मशाला परिसर में ही सभी प्रमुख संस्थाएं संचालित होती थी, किंतु यह धर्मशाला लंबे दशकों से उपयोग में आने के कारण जर्जर हो चली थी, जिसे रायपुर छत्तीसगढ़ के समाजसेवी हरिवल्लभ अग्रवाल के पूज्य मामा जी धनुषधारी जी ने अपने स्वयं से लगभग एक करोड रुपए की राशि खर्च कर इस भवन को जीर्णोद्धार कर जनता को समर्पित कर दिया एवं धनुषधारी जी ने समाज सेवा का एक उत्कृष्ट ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत किया है, तथा धनुषधारी जी की इस पहल का जहां पूरे क्षेत्र में लोग प्रशंसा कर रहे हैं तो वहीं हरिवल्लभ अग्रवाल ने भी कहा कि यह एक बड़ा समाज सेवा का काम है जो की अग्रवाल समाज के पूर्वजों ने जो हमें दान सेवा रूपी कार्यों का जो संस्कार दिया है आज इस संस्कारों का पालन धनुषधारी जी ने करते हुए यह कार्य किया है

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