शक्ति जिले के दोहरे हत्याकांड में आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा।प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे का अहम फैसला. पुलिस थाना बाराद्वार के अंतर्गत का था मामला

शक्ति जिले के दोहरे हत्याकांड में आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा।प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे का अहम फैसला. पुलिस थाना बाराद्वार के अंतर्गत का था मामला kshititech
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय शक्ति

शक्ति जिले के दोहरे हत्याकांड में आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा।प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे का अहम फैसला

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -विगत वर्ष 17 अक्टूबर 2024 को डायल 112 के कर्मचारी से थाना बाराद्वार को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम तांदुलडीह में फिरीतबाई के घर में पूजा पाठ करने से घर के दो सदस्य मूर्छित हो गये हैं। उक्त सूचना पर थाना बाराद्वार के उपनिरीक्षक अनवर अली अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल फिरीतबाई के घर तांदुलडीह पहुंचे तो उसकी लड़की अमरिका बाई गुरुजी का नाम लेकर पूजा पाठ कर रही थी एवं दूसरा लड़का विशाल व अन्य लड़की चंद्रिका जमीन पर बैठे थे तथा दो लड़के विक्रम और विक्की गोड़ बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े थे, जिनकी मृत्यु का कारण अज्ञात था।मर्ग विवेचना के दौरान सूचनाकर्ता संदीप सिदार द्वारा घटनास्थल पर मौखिक मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया गया कि उसकी बड़ी मां फिरीतबाई सुबह से अपने घर दरवाजा को बंद करके रखी थी तथा घर अंदर से पूजा पाठ की तेज आवाज आ रही थी । बहुत देर तक दरवाजा नहीं खोलने पर और घर का दरवाजा खटखटा कर दरवाजा खोलने पर अंदर देखे कि अमरिका बाई कुर्सी पर बैठी थी, जमीन में फिरीतबाई, विशाल व चंद्रिका बैठे थे तथा गुरुजी का तेज आवाज में जाप कर रहे थे एवं अंदर कमरे में विक्रम गोड़ व विक्की गोड़ अचेत अवस्था में पड़े थे जिन्हें अपने परिजनों को बुलाकर दिखाये तो उन्होनें उक्त दोनों को मृत होना बताया। उक्त संबंध में थाना बाराद्वार में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपीगण को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया एवं विवेचना उपरांत आरोपीगण के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया, जहां विचारण के पश्चात प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ति प्रशांत कुमार शिवहरे के द्वारा परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर मृतकगण की मां फिरीतबाई, दो बहनें चंद्रिका सिदार व अमरिका सिदार तथा भाई विशाल सिदार के विरुद्ध आरोपित अपराध प्रमाणित पाये जाने पर सभी आरोपीगण को उक्त हत्या के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास एवं 1000/- 1000/- रुपये के अर्थदण्ड से तथा अर्थदण्ड अदा न किये जाने पर 06-06 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। उक्त अपराध में शासन की ओर से श्री उदय वर्मा अपर लोक अभियोजक द्वारा पैरवी किया गया है।

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