वापस लौट रही शक्ति के श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर की पहचान-मोहल्ले के सेवाभावी नागरिकों के सहयोग से मंदिर में बर्तनों की हुई समुचित व्यवस्था, एवं प्रतिदिन हो रहा भव्य आरती एवं प्रसाद का आयोजन, प्रत्येक सोमवार को जयप्रकाश अंकित अग्रवाल द्वारा हो रहा सार्वजनिक भंडारा प्रसाद का आयोजन

वापस लौट रही शक्ति के श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर की पहचान-मोहल्ले के सेवाभावी नागरिकों के सहयोग से मंदिर में बर्तनों की हुई समुचित व्यवस्था, एवं प्रतिदिन हो रहा भव्य आरती एवं प्रसाद का आयोजन, प्रत्येक सोमवार को जयप्रकाश अंकित अग्रवाल द्वारा हो रहा सार्वजनिक भंडारा प्रसाद का आयोजन kshititech
शक्ति का श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर

वापस लौट रही शक्ति के श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर की पहचान-मोहल्ले के सेवाभावी नागरिकों के सहयोग से मंदिर में बर्तनों की हुई समुचित व्यवस्था, एवं प्रतिदिन हो रहा भव्य आरती एवं प्रसाद का आयोजन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सकती^ एक समय था जब दशको पूर्व शक्ति शहर के हटरी से बाजार रोड में स्थित प्रसिद्ध श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर में तत्कालीन समिति द्वारा मंदिर परिसर में मारवाड़ी समाज में आवश्यकता अनुसार जरूरत पड़ने पर वैवाहिक, मांगलिक या की अन्य किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजनों के लिए निशुल्क बर्तन उपलब्ध करवाए जाते थे, तथा इसके लिए बाकायदा समिति द्वारा बड़े-बड़े तांबे एवं पीतल के भी बर्तन मंदिर परिसर में मंगवाकर रखे गए थे, तथा यह व्यवस्था दशकों तक चलती रही, किंतु समय के हिसाब से हुए बदलाव ने जहां इस व्यवस्था में भी तब्दीली लाते हुए इसे बंद कर दिया, तो वहीं शहर का श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर जो कि हृदय स्थल में स्थित है एवं इस मंदिर में वर्ष भर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन होता है, तथा मारवाड़ी समाज के पूर्वजों की पुरानी व्यवस्थाओं को फिर से नई पहचान देने के लिए मोहल्ले के सेवाभावी नवयुवकों एवं नागरिकों ने एक सकारात्मक पहल करते हुए फिर से मंदिर में बड़े-बड़े खाना बनाने के बर्तन एवं खाना बनाने के बाद आवश्यकता अनुसार खंड वाली थालियां, गिलास,सहित अनेको प्रकार के अच्छी क्वालिटी के स्टील के एवं अन्य उपयोगी बर्तन उपलब्ध करवा दिए हैं

तथा वर्तमान में स्थिति यह है कि श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर में किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन होने पर बाहर से किराए पर कोई भी बर्तन एवं गैस भट्टी तथा चूल्हे की मंगाने की आवश्यकता नहीं होगी एवं वर्तमान में श्रावणी मास के शुभारंभ से ही शक्ति शहर के इस श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर में शहर के सेवाभावी परिवार जयप्रकाश अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा प्रत्येक सोमवार की शाम सार्वजनिक भंडारा प्रसाद का बड़ा आयोजन किया जा रहा है, एवं 29 जुलाई को भी जयप्रकाश अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा भंडारा प्रसाद का आयोजन किया गया तथा इस भंडारे प्रसाद में जहां शहर सहित आसपास के सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया तो वहीं इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ सहित मंदिर में विराजमान अन्य देवी- देवताओं की भी पूजा अर्चना एवं आरती की गई तथा महाभोग का प्रसाद भी लगाया गया एवं मोहल्ले के सेवाभावी नागरिकों का कहना है कि श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर जो की शहर वासियों की आस्था का एक बड़ा धार्मिक केंद्र है एवं इस मंदिर की पुरानी खोई हुई पहचान को पुनः लोगों के बीच स्थापित करने की दिशा में उनकी यह एक पहल मात्र है तथा सभी शहर वासियों एवं धर्म प्रेमियों के सहयोग से वे इस मंदिर में निरंतर लोगों की दर्शन हेतु आवाजाही बनी रहे इस दिशा में एक प्रयास कर रहे हैं वहीं सेवाभावी नागरिकों की इस पहल का जहां लोग स्वागत भी कर रहे हैं

ज्ञात हो की शक्ति के श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर ट्रस्ट में विगत लगभग 1 वर्ष से प्रारंभ हुई आरती एवं प्रसाद की इस नई व्यवस्था से जहां मोहल्ले के धर्म प्रेमी भी शाम होते ही इस आरती के कार्यक्रम में सह परिवार पहुंचते हैं,तो वहीं मंदिर में भी प्रतिदिन लोग पहुंचकर दर्शन करते हैं, तथा इस बदली हुई नई व्यवस्था से जहां शहर का धार्मिक वातावरण और अधिक बढ़ रहा है, तो वहीं श्री रामचंद्र मारवाड़ी पंचायती मंदिर में समय के हिसाब से मंदिर परिसर के भी जीणोद्धार की आवश्यकता लोग महसूस कर रहे हैं,एवं विगत वर्ष शहर के धर्म प्रेमी गुलाबचंद खेतान ने भी इस दिशा में एक पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन से आग्रह किया था कि इस मंदिर को जन सहयोग से पुनः जीणोद्धार करवाया जाए, तथा शहर में होने वाले सभी बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए शोभा यात्रा का कार्यक्रम इस मंदिर से ही प्रारंभ होता है, जिसमें प्रमुख रूप से वर्ष भर होने वाली खाटू श्याम जी की निशान यात्रा,श्रीमद् भागवत कथाओं की शोभायात्रा,कलश यात्रा, सहित अनेको धार्मिक कार्यक्रम भी यही से शुभारंभ होते हैं, तथा शहर के मारवाड़ी समाज में भी यह परंपरा दशकों से चली आ रही है कि किसी भी युवक के विवाह के आयोजन के दौरान वह अपनी निकासी या की कोरथ से पूर्व इस मंदिर में आकर सह परिवार दर्शन करने जरूर आते हैं

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