विश्व हिंदू परिषद के संत पहुंचे शक्ति, उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान की करी निंदा, धर्माचार्य सर्वेश्वर दास ने कहा– उदय निधि रहे संभल कर, अन्यथा उनकी भाषा में ही हम देंगे जवाब, देश भर में संत समाज सहित लोग कर रहे मामले की निंदा

<em>विश्व हिंदू परिषद के संत पहुंचे शक्ति, उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान की करी निंदा, धर्माचार्य सर्वेश्वर दास ने कहा-- उदय निधि रहे संभल कर, अन्यथा उनकी भाषा में ही हम देंगे जवाब</em>, देश भर में संत समाज सहित लोग कर रहे मामले की निंदा kshititech
धर्माचार्य सर्वेश्वर दास जी पहुंचे शक्ति

विश्व हिंदू परिषद के संत पहुंचे शक्ति, उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान की करी निंदा, धर्माचार्य सर्वेश्वर दास ने कहा– उदय निधि रहे संभल कर, अन्यथा उनकी भाषा में ही हम देंगे जवाब

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे एवं राज्य के खेल मंत्री उदय निधि द्वारा सनातन धर्म विरोधी दिए गए बयान पर बवाल मचा हुआ है, विश्व हिंदू परिषद के संत ने शक्ति पहुंचकर पूरे मामले की निंदा की है, इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी अधिवक्ता विश्वनाथ सोनसरे एवं हरिओम अग्रवाल सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, एक भेंटवार्ता उन्होंने कहा कि “सियाराम मय सब जग जानी” की भाव ही सनातन धर्म का मूल सिद्धांत है

धर्माचार्य सर्वेश्वर दास धर्माचार्य विभाग प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ एवम केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल संयोजक सदस्य विश्व हिंदू परिषद के संत ने कहा की वर्तमान में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे उदय निधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान का हिंदू समाज द्वारा निंदा की जा रही है, तथा हम इस बयान की घोर भर्त्सना करते हैं,इसी कड़ी में प्रवास पर आए धर्माचार्य ने कहा कि सनातन धर्म और देश को बांटने की ओछी मानसिकता का लभाव उदय निधि स्टालिन व उसके समर्थक रखते हैं, जबकि सनातन धर्म सबको जोड़ने का कार्य करता है, उस सनातन धर्म को बीमारी कहना, बीमार मानसिकता का प्रतीक है सर्वे भवंतु सुखीना: सर्वे संतु निरामया: सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित दुख:भाग भवेत ।। यह सनातन धर्म का उद् घोष है, उन्होंने आगे बताया कि सनातन धर्म के आधार पर सृष्टि बनती है चलती है मिट्ती है और फिर बनती है इसलिए सनातन धर्म को गिराने की बात करने वाले आए और मिट गए इसलिए हम सभी को संभालना चाहिए हम उदय निधि स्टालिन के विरोधी बयान की निंदा करते हैं , कु बुद्धि लोगों को भगवान सद्बुद्धि दे, वे सम्हलकर रहे अन्यथा उनको उनकी ही भाषा में जवाब हमें देना ही पड़ेगा

प्रातिक्रिया दे

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading