प्रदेश में अब खाने का तेल खुले में नहीं बिकेगा, FDA ने लगा दिया बैन. नियम का पालन नहीं करने वाले कारोबारियो पर होगी सख्त कार्रवाई




प्रदेश में अब खाने का तेल खुले में नहीं बिकेगा, FDA ने लगा दिया बैन. नियम का पालन नहीं करने वाले कारोबारियो पर होगी सख्त कार्रवाई
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -महाराष्ट्र के अन्न और औषध प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है. महाराष्ट्र में अब खुले में बिकने वाले खाने के तेल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इस आदेश के तहत व्यापारियों और खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन करना होगा. इस कदम का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को उनके द्वारा खरीदे जा रहे खाद्य तेल के सोर्स, गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की सही जानकारी मिल सके. ये आदेश हर तरह के खाद्य तेल और फैट पर लागू होगा. इसमें मूंगफली तेल, सरसों तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, कुसुम तेल, बिनौला तेल, राइस ब्रान ऑयल, पाम और पामोलीन तेल, नारियल तेल, तिल तेल, मक्के का तेल, मल्टी-सोर्स्ड एडिबल वेजिटेबल ऑयल और वनस्पति शामिल हैं. ये नियम तेल के कारोबार के टर्नओवर की परवाह किए बिना लागू होगा.नए निर्देशों के मुताबिक, दुकानदार अब खाद्य तेल को खुले रूप में नहीं बेच सकेंगे. खाद्य तेल को उचित फूड-ग्रेड पैकेजिंग में ही बेचना होगा और पैकेज पर जरूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा. पैकेजिंग पर तेल के सोर्स और उसकी एक्सपायरी डेट की जानकारी होनी चाहिए. कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा तय लेबलिंग नियमों का भी पालन करना होगा. FDA ने खाद्य तेल की पैकिंग के लिए फूड-ग्रेड पैकेजिंग के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है. नया आदेश ऑयल एक्सपेलर यूनिट, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन यूनिट और ऑयल रिफाइनर पर लागू होगा. इसके अलावा वनस्पति, इंटरएस्टरीफाइड वेजिटेबल फैट, बेकरी शॉर्टनिंग, मार्जरीन और टेबल स्प्रेड बनाने वाली कंपनियां भी इसके दायरे में आएंगी. मल्टी-सोर्स्ड एडिबल वेजिटेबल ऑयल के ब्लेंडर, रीपैकर और री-लेबलर, आयातक, थोक विक्रेता, डिस्ट्रीब्यूटर, सुपर-स्टॉकिस्ट और ट्रांसपोर्टर भी इसके तहत आएंगे. किराना स्टोर, सुपरमार्केट, डिपार्टमेंटल स्टोर और ई-कॉमर्स व ऑनलाइन विक्रेताओं को भी इन नियमों का पालन करना होगा. खाद्य तेल के उत्पादन, पैकिंग और री-पैकिंग से जुड़े कारोबारियों के पास जरूरी FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य होगा. विभाग ने कहा है कि बिना जरूरी लाइसेंस के खाद्य तेल का उत्पादन, पैकिंग या री-पैकिंग करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को ये भी जांचने के निर्देश दिए गए हैं कि खाद्य कारोबार खाद्य तेल की पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े सभी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं.







