शक्ति जिला पुलिस की जागरूकता पहल-शक्ति के जिंदल वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन. एसडीओ पुलिस डॉक्टर भुनेश्वरी पैकरा ने विद्यार्थियों सहित स्कूल परिवार को साइबर अपराधों से बचने किया जागरूक. एसडीओ मैडम ने कहा- किसी भी विपरीत परिस्थितियों में बच्चे घबराए नहीं

शक्ति जिला पुलिस की जागरूकता पहल-शक्ति के जिंदल वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन. एसडीओ पुलिस डॉक्टर भुनेश्वरी पैकरा ने विद्यार्थियों सहित स्कूल परिवार को साइबर अपराधों से बचने किया जागरूक. एसडीओ मैडम ने कहा- किसी भी विपरीत परिस्थितियों में बच्चे घबराए नहीं kshititech
कार्यक्रम को संबोधित करती एसडीओ पुलिस डॉक्टर श्रीमती भुनेश्वरी पैंकरा
शक्ति जिला पुलिस की जागरूकता पहल-शक्ति के जिंदल वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन. एसडीओ पुलिस डॉक्टर भुनेश्वरी पैकरा ने विद्यार्थियों सहित स्कूल परिवार को साइबर अपराधों से बचने किया जागरूक. एसडीओ मैडम ने कहा- किसी भी विपरीत परिस्थितियों में बच्चे घबराए नहीं kshititech
जिंदल वर्ल्ड स्कूल शक्ति में हुआ साइबर जागरूकता अभियान का कार्यक्रम
शक्ति जिला पुलिस की जागरूकता पहल-शक्ति के जिंदल वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन. एसडीओ पुलिस डॉक्टर भुनेश्वरी पैकरा ने विद्यार्थियों सहित स्कूल परिवार को साइबर अपराधों से बचने किया जागरूक. एसडीओ मैडम ने कहा- किसी भी विपरीत परिस्थितियों में बच्चे घबराए नहीं kshititech
कार्यक्रम को संबोधित करते जिला पुलिस शक्ति के अधिकारी

शक्ति के जिंदल वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन. एसडीओ पुलिस डॉक्टर भुनेश्वरी पैकरा ने विद्यार्थियों सहित स्कूल परिवार को साइबर अपराधों से बचने किया जागरूक

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-डिजिटल क्रांति के इस दौर में बढ़ते इंटरनेट अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सक्ती जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जिले में एक वृहद साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम आम जनता के लिए न होकर विशेष रूप से जिंदल के बच्चों (छात्र-छात्राओं) को जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सक्ती जिले की डीएसपी डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा और उपनिरीक्षक (SI) जयराम साहू ने जिंदल के बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर धोखाधड़ी से बचने के कड़े गुरुमंत्र दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्राचार्य वेंकट ने की, जिन्होंने पुलिस की इस पहल को बच्चों के हित में बेहद जरूरी और सराहनीय बताया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जहाँ इंटरनेट का उपयोग होता है, वहीं साइबर अपराध का खतरा सबसे ज्यादा होता है। उन्होंने मालखरौदा ब्लॉक में ही हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे का हवाला देते हुए बच्चों को सचेत किया कि कैसे वहाँ कुछ बच्चों ने एक अन्य बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था, जिसके बाद उन आरोपी बच्चों को सीधे जेल (बाल सुधार गृह) की हवा खानी पड़ी। मैडम ने कड़े लहजे में कहा कि किसी की भी फोटो या वीडियो को बिना अनुमति वायरल करना और फर्जी इंस्टाग्राम या फेसबुक आईडी बनाना संगीन कानूनन अपराध है, जिसमें तत्काल जेल की सजा का प्रावधान है।सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए सब-इंस्पेक्टर जयराम साहू ने उपस्थित बच्चों को समझाया कि व्हाट्सएप पर आने वाले फर्जी वीडियो या वॉयस कॉल पर कभी बात न करें। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप की प्राइवेसी सेटिंग्स के जरिए ऐसे अनजान कॉल्स को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कभी भी अपना बैंक ओटीपी (OTP) शेयर न करने और इंटरनेट से किसी भी प्रकार की अज्ञात APK फाइल (ऐप) डाउनलोड न करने की सख्त हिदायत दी, क्योंकि इससे पूरा मोबाइल हैक हो सकता है।जिंदल के बच्चों को जागरूक करते हुए पुलिस अधिकारियों ने ‘गुड टच और बैड टच’ (सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श) के अंतर को बारीकी से समझाया। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराएं नहीं। बच्चों को प्रेरित किया गया कि उनके जीवन या मोबाइल में यदि कोई भी असामान्य बात या घटना घटती है, तो वे बिना डरे अपनी हर बात अपने माता-पिता से जरूर साझा करें।कार्यक्रम के अंत में पुलिस टीम ने सभी उपस्थित बच्चों को अपने मोबाइल में छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘अभिव्यक्ति ऐप’ अनिवार्य रूप से डाउनलोड करने या अपने अभिभावकों से करवाने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप में मौजूद SOS (इमरजेंसी) बटन मुसीबत के समय बच्चों और महिलाओं के लिए ब्रह्मास्त्र की तरह काम करता है, जिसे दबाते ही पुलिस लोकेशन ट्रेस कर तत्काल मौके पर कार्रवाई करती है। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टलwww.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। इस सफल आयोजन पर प्राचार्य वेंकट ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया

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