एक सदी से अधिक पुरानी आस्था की अमर गाथा को नया जीवन.श्री बांके बिहारी सहित 7 विग्रह की हुई स्थापना.भगवान श्री बांके बिहारी की निकली भव्य शोभायात्रा सैकड़ो की तादाद में श्रद्धालु झुमते नाचते दिखे. 175 साल पुराने मंदिर की संपन्न हुई विग्रह प्राण प्रतिष्ठा. ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ अशोक अग्रवाल ने दी जानकारी





एक सदी से अधिक पुरानी आस्था की अमर गाथा को नया जीवन.श्री बांके बिहारी सहित 7 विग्रह की हुई स्थापना.भगवान श्री बांके बिहारी की निकली भव्य शोभायात्रा सैकड़ो की तादाद में श्रद्धालु झुमते नाचते दिखे. 175 साल पुराने मंदिर की संपन्न हुई विग्रह प्राण प्रतिष्ठा
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -श्री बांके बिहारी मंदिर, नयापारा, सदर बाजार, रायपुर (छत्तीसगढ़) में आज ऐतिहासिक विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ। प्रातः 8:30 बजे पुराने मंदिर से भगवान श्री बांके बिहारी जी की शोभायात्रा अत्यंत भव्य रूप में निकाली गई। यात्रा एडवर्ड रोड, चिकनी मंदिर, कोतवाली चौक, सदर बाजार होते हुए पेठा लाइन स्थित नवनिर्मित मंदिर पहुंची।प्रतिष्ठित यज्ञाचार्य श्री ओम प्रकाश जोशी जी के सानिध्य में मंत्रोच्चारण के मध्य भगवान श्री बांके बिहारी जी, शिव पंचायतन, भवानी शंकर, दुर्गा मैया, बजरंगबली, लक्ष्मी माता एवं अग्रसेन माधवी देवता की मूर्तियों का जलाभिषेक एवं 56 प्रकार के द्रव्यों से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात विधिवत प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई और प्रभु ने समस्त भक्तों को दर्शन दिए। हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर मंदिर में उपस्थित होकर भक्ति भाव प्रदर्शित किया।
मंदिर का पुनर्निर्माण एवं ऐतिहासिक महत्वलगभग 157 वर्ष पुराने इस मंदिर की नींव सन 1870 में श्रद्धेय श्री बैजू अग्रवाल जी ने रखी थी। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि रायपुर की सांस्कृतिक एवं स्वतंत्रता संग्राम की गतिविधियों का केंद्र रहा है। स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता एवं निर्माता पृथ्वीराज कपूर जी तक ने यहां दर्शन कर दंडवत प्रणाम किया था।डॉ. अशोक अग्रवाल, ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण राजस्थानी वास्तुकला की शानदार कृति के रूप में किया गया है। भगवान श्री बांके बिहारी जी की 5 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा एवं अन्य देवी-देवताओं की 3 फीट ऊंची प्रतिमाएं मकराना के सफेद मार्बल से जयपुर से बनाकर लाई गई हैं। पिछले दो वर्षों से सैकड़ों मजदूरों ने रात-दिन परिश्रम कर इस भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा किया।नए मंदिर में श्री बांके बिहारी जी के साथ बजरंगबली, मां दुर्गा, भगवान शिव-पार्वती परिवार, भवानी शंकर, महालक्ष्मी जी एवं आराध्य श्री अग्रसेन जी की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। प्रतिदिन की पूजा-पाठ मंदिरमें आचार्य श्री नरेंद्र कौशिक जी करेंगे।प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्र मंत्रोच्चार के मध्य प्रतिष्ठित हुई, नेत्रोंनंमिलन के पश्चात श्रृंगार उपरांत भगवान ने दर्शन दिए , हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया।श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट भंडारे का भी आयोजन किया था जिसमें 1000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद प्राप्त किया। सालासर धाम राजस्थान से मंगाए गए स्पेशल लड्डुओं का आज भगवान को भोग लगाया गया , सालासर धाम के लड्डू ड्राई फ्रूट्स एवं फल फ्रूट का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत कलश यात्रा, बेदी पूजा, अधिवास एवं शोभा यात्रा का आयोजन 8 मई 2026 से प्रारंभ हो चुका था। समस्त कार्यक्रम प्रसिद्ध कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य श्री ओम प्रकाश जोशी जी के सानिध्य में संपन्न हुए हैं।ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालु भक्तों, सज्जनों एवं बांके बिहारी जी के परम प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे डेढ़ सौ से भी अधिक साल की आस्था के प्रतीक इस मंदिर में प्रतिदिन और हर उत्सव में आया करें











