शुक्ल बंधुओं की जन्म जयंती पर महंत ने किया स्मरण–विधानसभा अध्यक्ष महंत ने एमपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर किया स्मरण एवं दी श्रद्धांजलि, महंत ने कहा– रविशंकर जी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में रहा योगदान

शुक्ल बंधुओं की जन्म जयंती पर महंत ने किया स्मरण--<em>विधानसभा अध्यक्ष महंत ने एमपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर किया स्मरण एवं दी श्रद्धांजलि</em>, महंत ने कहा-- रविशंकर जी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में रहा योगदान kshititech
पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद पंडित विद्याचरण शुक्ला जी को विधानसभा अध्यक्ष महंत ने किया जन्म जयंती पर स्मरण
शुक्ल बंधुओं की जन्म जयंती पर महंत ने किया स्मरण--<em>विधानसभा अध्यक्ष महंत ने एमपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर किया स्मरण एवं दी श्रद्धांजलि</em>, महंत ने कहा-- रविशंकर जी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में रहा योगदान kshititech
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष महंत ने 2 अगस्त को रविशंकर जी एवं विद्याचरण जी की जन्म जयंती पर किया नमन
शुक्ल बंधुओं की जन्म जयंती पर महंत ने किया स्मरण--<em>विधानसभा अध्यक्ष महंत ने एमपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर किया स्मरण एवं दी श्रद्धांजलि</em>, महंत ने कहा-- रविशंकर जी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में रहा योगदान kshititech
कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने भी शुक्ल बंधुओं की जन्म जयंती पर दी श्रद्धांजलि

विधानसभा अध्यक्ष महंत ने एमपी के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल एवं शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर किया स्मरण एवं दी श्रद्धांजलि

सक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सकती- छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने 2 अगस्त को अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय रविशंकर शुक्ल जी एवं भारत सरकार के पूर्व जल संसाधन मंत्री शहीद विद्याचरण शुक्ल की जन्म जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है,विधानसभा अध्यक्ष महंत ने उन्हें स्मरण करते हुए कहा है कि पंडित रविशंकर शुक्ल जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए नए राज्य मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री नियुक्त हुए थे,पंडित रविशंकर शुक्ल को नए ‘मध्य प्रदेश के पुरोधा के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, स्वदेशी खादी, राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया और असहयोग सविनय अवज्ञा तथा भारत छोड़ो आंदोलन में शीर्षशत्तर भूमिकाएं निभाई। 1923 में नागपुर में आयोजित झंडा सत्याग्रह में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व 4 जुलाई, 1937 ई. को श्री खरे के प्रथम कांग्रेसी मंत्री मंडल में शिक्षा मंत्री के रूप में सम्मिलित हुए तथा विद्या मंदिर योजनाओं को क्रियान्वित किया

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राजनीति के कद्दावर नेता शहीद विद्याचरण शुक्ल की की जयंती अवसर पर कहा कि विद्याचरण शुक्ल जी ने मॉरिस कॉलेज नागपुर से बीए करने के बाद एल्विन कूपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरुआत की। 1957 में कांग्रेस के टिकट पर वी सी शुक्ल ने महासमुंद सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। उन्होंने सीट से बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया और भारतीय संसद में सबसे युवा सांसद बने,इस सीट से वे नौ बार लोकसभा का चुनाव जीते। 1966 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के कैबिनेट में उन्हें मंत्री बनाया गया। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने संचार, गृह, रक्षा, वित्त, योजना, विदेश, संसदीय आदि मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली,प्रधानमंत्री नरसिंह राव जी के नेतृत्व में संसदीय मामले और जल संसाधन मंत्री रहे, शहीद पंडित विद्याचरण शुक्ल जी की एक लंबी राजनीतिक गाथा है,छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय पटल पर उनके नाम से जाना जाता है, उपरोक्त जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत विधायक प्रतिनिधि नरेश गेवाड़ीन ने दी है

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