25 अक्टूबर को सरस्वती शिशु मंदिर नैला-जांजगीर में कोरबा विभाग स्तरीय समिति की बैठक संपन्न।संगठन की मजबूती, शैक्षिक उपलब्धियों एवं विद्यालयों के विकास पर हुआ विचार-विमर्श. 20 स्कूलों के 80 पदाधिकारी पहुंचे बैठक में






_सरस्वती शिशु मंदिर नैला-जांजगीर में कोरबा विभाग स्तरीय समिति की बैठक संपन्न।संगठन की मजबूती, शैक्षिक उपलब्धियों एवं विद्यालयों के विकास पर हुआ विचार-विमर्श
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -सरस्वती शिक्षा संस्थान, रायपुर की योजनानुसार रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नैला-जांजगीर में कोरबा विभाग स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के अंतर्गत संचालित लगभग 20 विद्यालय संचालन समितियों के 80 पदाधिकारी एवं 20 प्राचार्य शामिल हुए। इस दौरान संगठनात्मक सुदृढ़ता, शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यालयों की उपलब्धियों तथा उनके विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, ॐ एवं मां सरस्वती के समक्ष पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का तिलक-वंदन कर शाल एवं श्रीफल से स्वागत किया गया। बैठक में मुख्य वक्ता श्री जुड़ावन सिंह ठाकुर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (मध्य क्षेत्र), वनांचल सेवा न्यास, छत्तीसगढ़ के सचिव श्री चंद्र किशोर श्रीवास्तव, विभाग प्रमुख श्री कीर्ति कुमार अग्रवाल, विभाग सहप्रमुख श्री गोपेश तुलस्यान तथा स्थानीय विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार झाझड़िया मंचासीन रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा विभाग सहप्रमुख श्री गोपेश तुलस्यान ने प्रस्तुत की।मुख्य वक्ता श्री जुड़ावन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में संगठन को प्राथमिकता देने तथा बैठकों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान और विद्यालय संचालन समितियों को आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने समिति प्रमुखों से अपने-अपने विद्यालयों की उपलब्धियों, समस्याओं एवं सुझावों को साझा करने तथा विद्यालयों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
बैठक में विभिन्न विद्यालयों की शैक्षिक एवं सहशैक्षिक उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। इनमें बोर्ड परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में विद्यार्थियों का स्थान, खेलकूद, स्मार्ट क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कक्षाएं, शिशु वाटिका, वैदिक गणित तथा त्रिस्तरीय आचार्य प्रशिक्षण प्रमुख रहे। दक्षिण बस्तर में संचालित आवासीय प्रकल्प के अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई। इन उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।विद्यालयों के संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए बस संचालन, गणवेश एवं अभिभावक संपर्क से संबंधित समस्याओं और सुझावों को रखा गया। इसके साथ ही सामूहिक वंदे मातरम् गायन, पूर्व छात्र परिषद के गठन तथा प्रशासनिक सेवाओं में चयनित पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित करने के विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ।बिलासपुर विभाग के विभाग समन्वयक श्री गेंदराम राजपूत ने संस्कार केंद्रों के संचालन में समाज एवं पूर्व छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, जिला प्रतिनिधि श्री रविन्द्र शराफ ने आचार्यों के हितों, ईपीएफ, ईएसआईसी तथा आचार्य सेवा संहिता से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने आचार्यों के हितों एवं सेवा संबंधी व्यवस्थाओं के प्रति जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में समिति के सचिवों, कोषाध्यक्षों एवं प्राचार्यों को विद्यालय के कार्यालयीन कार्यों का नियमित अवलोकन एवं निरीक्षण करने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के अंत में विभाग समन्वयक श्री मनहरण लाल राठौर ने अतिथियों, समिति पदाधिकारियों एवं प्राचार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।बैठक के सफल आयोजन में स्थानीय विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार झाझड़िया, व्यवस्थापक श्री संतोष उपाध्याय, उपाध्यक्ष श्री कैलाश बसईवाल एवं सहसचिव श्री गुलाबधर दीवान सहित विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती बबीता वर्मा एवं प्रधानाचार्य श्री भगवान दास वैष्णव,आचार्य-दीदियों तथा भैया-बहनों का सराहनीय योगदान रहा





