छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द, जांच के लिए कमेटी तैयार. सुशासन वाली सरकार ने करी 5 सदस्यों की समिति गठित। पेपर लीक मामले में गरमाई राजनीति. कांग्रेस का सरकार पर हमला कहा जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकार। वही क्यों होते हैं पेपर लीक



छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द, जांच के लिए कमेटी तैयार. सुशासन वाली सरकार ने करी 5 सदस्यों की समिति गठित। पेपर लीक मामले में गरमाई राजनीति. कांग्रेस का सरकार पर हमला कहा जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकार। वही क्यों होते हैं पेपर लीक
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ में रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से संबद्ध महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एक विषय की परीक्षा गुरुवार को कथित प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों के बाद रद्द कर दी गई. इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है और पांच सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है. इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.वहीं पेपर लीक को लेकर छत्तीसगढ़ में हंगामा शुरू हो गया है. बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की विज्ञान पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रोफेसर और कर्मचारियों को तलब किया है. विश्विद्यालय में प्रोफेसर और कर्मचारी सन्देह के दायरे में हैं. हंगामे के बाद हाइलेवल मीटिंग बुलाई गई जिसके बाद विश्वविद्यालय ने पेपर रद्द कर दिया.
मामले पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
रायपुर-IGKV में पेपर लीक मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बीजेपी पर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि IGKV में पर्चे लीक की बातें सामने आई हैं. जिस-जिस प्रदेशों में बीजेपी की सरकार है आखिर वहां पेपर लीक क्यों होते हैंउन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में परीक्षा लीक होने का काम हो रहा है. बीजेपी की सरकार में पढ़ने-लिखने वाले बच्चों के साथ खिलवाड़ हो रहा है
मामले में 4 सदस्यीय टीम गठित
विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है. विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 महाविद्यालयों को गुरुवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, एईएनटी-221 (कृषि कीट विज्ञान) के तहत ‘फसलों और संग्रहीत अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ विषय की परीक्षा गुरुवार को होनी थी, जिसे “प्रशासनिक कारणों” से रद्द कर दिया गया.परिपत्र में कहा गया है कि अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.







