हरि गुजर पैलेस शक्ति क्षेत्र की धरोहर है, कोई प्रॉपर्टी नहीं है, इस धरोहर को सदैव संजोय रखना मेरी एवं मेरे परिवार परिवार की जिम्मेदारी- राजा धर्मेंद्र सिंह, राजमहल मामले पर 22 जुलाई को राजा धर्मेंद्र सिंह ने ली पत्रकार वार्ता, धर्मेंद्र ने कहा- 25 जून की घटना के लिए मैं आभारी हूं क्षेत्र की जनता एवं पुलिस का, जिसने मेरे परिवार को किया सुरक्षित

22 जुलाई को शक्ति के हरि गुजर पैलेस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राजा धर्मेंद्र सिंह
22 जुलाई को शक्ति के हरि गुजर पैलेस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राजा धर्मेंद्र सिंह

हरि गुजर पैलेस शक्ति क्षेत्र की धरोहर है, कोई प्रॉपर्टी नहीं है, इस धरोहर को सदैव संजोय रखना मेरी एवं मेरे परिवार परिवार की जिम्मेदारी- राजा धर्मेंद्र सिंह, राजमहल मामले पर 22 जुलाई को राजा धर्मेंद्र सिंह ने ली पत्रकार वार्ता

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- शक्ति का हरि गुजर पैलेस पीला महल कोई प्रॉपर्टी नहीं,अपितु पूरे क्षेत्र के लोगों की एक धरोहर है, इस धरोहर को सदैव सुरक्षित रखना ही मेरी एवं मेरे परिवार की जिम्मेदारी है, तथा मेरे पिताजी राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने सदैव इस धरोहर को सहेज कर रखा एवं मैं भी अपने परिवार के साथ सदैव इस धरोहर को एवं इसकी छवि को धूमिल होने नहीं दूंगा एवं मुझे अगर अपनी जान भी देनी पड़े तो मैं उसके लिए तैयार हूं, उपरोक्त बातें 22 जुलाई को स्थानीय हरि गुजर महल शक्ति में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान जिला पंचायत शक्ति के सभापति, सदस्य तथा राजा धर्मेंद्र सिंह ने कही, पत्रकार वार्ता का आयोजन 25 जून 2025 को राजमहल शक्ति में घटित घटना को लेकर किया गया था, जिस पर राजा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि 25 जून की घटना में मेरी पत्नी घर पर अकेली थी एवं कुछ कर्मचारी महल के परिसर में थे,तथा इतने सारे लोगों के द्वारा एक अकेली महिला जानकर बलात रूप से महल में घुसना काफी अशोभनीय हैं एवं मैं 25 जून की घटना में मेरे परिवार को सुरक्षित करने के लिए दिए गए अपने योगदान के लिए पुलिस प्रशासन एवं क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करता हूं,जिन्होंने मेरे परिवार को सुरक्षित करने में सहयोग किया

राजा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने उन्हें सामाजिक रूप से एवं सामाजिक विधि विधान से गोद लिया था, तथा श्री सिंह ने कहा कि राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह के रहते हुए ही मां महामाई दाई मंदिर, जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय एवं तुर्रीधाम मंदिर को एक पृथक समिति का गठन कर उसका संचालन किया जा रहा है, तथा 25 जून की घटना से उनकी पत्नी भी काफी भयभीत हुई है, साथ ही उनके महल के कुछ कर्मचारियों एवं क्षेत्र के उनके महल से पारिवारिक सदस्य के रूप में लोगों को इस घटना से चोटें भी आई, जिसकी संपूर्ण सूचना उन्होंने पुलिस प्रशासन को दी है, पत्रकारों द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान राजा धर्मेंद्र सिंह से पूछे जाने पर की राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह एवं श्रीमती गीता सिंह जी के बीच क्या विवाद है,तब राजा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सन 1990 में राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह के साथ श्रीमती गीता सिंह जी का विवाह हुआ था, किंतु विवाह के एक दो महीने बाद ही वे वापस चली गई थी, तथा इस बीच वे जब भी आती थी तो राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने प्रारंभ से ही उनके रुकने की व्यवस्था सफेद महल में की थी, तथा पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर की राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह जी के निधन के पश्चात विधायक के रूप में मिलने वाली उनकी पेंशन की राशि क्या श्रीमती गीता सिंह को मिलेगी,इस पर राजा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है, वही राजा धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि आज राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने अपने जीवन में रहते रहते लोगों की सहायता की तथा लोगों के एवं क्षेत्र वासियों के सभी छोटे-बड़े कामों को किया, एवं मुझे भी आज राजा साहब ने अच्छे संस्कार दिए है, तथा मैं भी उनके आदर्शों पर चलकर आगे कार्य करेंगे,एवं राजमहल में पहले भी कुछ लोगों द्वारा हमले की कोशिश उनके विवाह के समय की गई थी, जिसकी सूचना भी उन्होंने पुलिस थाने में दी थी

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