आरटीई में विद्यार्थियों का शुल्क नहीं बढ़ाएगी सरकार- निजी स्कूलों की मांग को खारिज किया शासन ने. 11990. 52 पैसे प्रति छात्र ही मिलेंगे निजी स्कूल संचालकों को. सरकार ने कहा पर्याप्त है राशि


आरटीई में विद्यार्थियों का शुल्क नहीं बढ़ाएगी सरकार- निजी स्कूलों की मांग को खारिज किया शासन ने. 11990. 52 पैसे प्रति छात्र ही मिलेंगे निजी स्कूल संचालकों को
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों ने आरटीई के तहत विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का पूर्व वर्षों से चला आ रहा निर्धारित शुल्क बढ़ाने की मांग सरकार से की थी तथा राज्य शासन ने निजी स्कूल संचालकों की इस मांग को खारिज कर दिया है एवं स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल, नगर 492002 के आदेश नवा रायपुर, क्रमांक: GENS/23851/2026 :के अंतर्गत बताया गया है कि छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा निःशुल्कऔर अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत निजी शालाओं में अध्ययनरत छात्रों के शुल्क प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की मांग की गई है।इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के पत्र क्रमांक आर.टी.ई./Free/HC/2025 दिनांक 29.07.2025 में उल्लेखित तथ्य निम्नानुसार हैं-वर्तमान में आर.टी.ई. अन्तर्गत निजी शालाओं के प्राथमिक शालाओं हेतु अध्ययनरत बालकों की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि ₹ 7790.52 एवं अपर प्राथमिक शाला हेतु ₹11990.52 प्रति छात्र प्रति वर्ष निर्धारित है।उक्त शुल्क में पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश की राशि सम्मिलित है।छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एशोसियेशन द्वारा उक्त राशि में वृद्धि कर ₹15000.00 करने की मांग की गई है।विभाग में बजट प्रावधान एवं छात्र संख्या के आधार पर राज्य में शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली राशि पर्याप्त है। अतः वर्तमान में इसमे वृद्धि किये जाने की आवश्यकता नहीं है।अतएव राज्य शासन एतद् द्वारा छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन की उक्त मांग को अमान्य करता है। उपरोक्त आदेशछत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से, तथा आदेशानुसार उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन नीलम टोप्पो स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है

