पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा मैं मैने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उड़ीसा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े- इस्तीफें के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी. नीट पेपर लीक मामले में मंत्री पद छोड़ना पड़ा था धर्मेंद्र प्रधान को. संबलपुर से सांसद है धर्मेंद्र प्रधान

पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा मैं मैने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उड़ीसा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े- इस्तीफें के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी. नीट पेपर लीक मामले में मंत्री पद छोड़ना पड़ा था धर्मेंद्र प्रधान को. संबलपुर से सांसद है धर्मेंद्र प्रधान kshititech
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा मैं मैने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उड़ीसा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े- इस्तीफें के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी. नीट पेपर लीक मामले में मंत्री पद छोड़ना पड़ा था धर्मेंद्र प्रधान को

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -बीजेपी नेता और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं, जिसके कारण उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस मुद्दे को लेकर हुए जबरदस्त विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के ठीक दो हफ्ते बाद प्रधान ने भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ी।प्रधान ने कहा, “जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए। उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। इसके बाद प्रधान ने 25 जुलाई को मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया।

रायराखोल में एक और बैठक में प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन और वापस जाओ के नारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है।एयरपोर्ट के पास बीजेडी के युवा और छात्र विंग के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए भी कहेंगे तो भी मैं वापस आऊंगा।” दरअसल एयरपोर्ट के पास धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ के नारे लगे थे।प्रधान ने बीजेडी अध्यक्ष पर अपने खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में युवाओं को शामिल करने का आरोप लगाते हुए कहा, “नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और एक बुरा इंसान भी कहते हैं।”उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े?” उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं राज्य का नाम रोशन न कर रहा होऊं लेकिन मैंने अपने काम से कभी भी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है। मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की बदनामी हो।”प्रधान ने कहा, “बीजेडी के विरोध को देखते हुए मैंने प्रसन्ना भाई से सलाह ली थी कि मुझे जाना चाहिए या नहीं। प्रसन्ना बाबू ने मुझे आने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि मेरा स्वागत किया जाएगा। मैं उनकी इजाजत लेकर ही यहां आया हूं।”

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading