अमासीकॉन 2023: मध्यभारत की सबसे बड़ी इंटरनेशनल कांफ्रेंस रायपुर में, 4 नवंबर को कांफ्रेंस के तीसरे दिन भी पहुंचे देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने बालाजी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस दे रहा अपना अहम योगदान, डॉक्टर देवेंद्र नायक की मौजूदगी में हो रही चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न चर्चाएं, डेढ़ सौ मरीजों की हुई निशुल्क सर्जरी

रायपुर में चल रही दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल कॉन्फ्रेंस
रायपुर में चल रही दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल कॉन्फ्रेंस
रायपुर में चल रही दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल कॉन्फ्रेंस

अमासीकॉन 2023: मध्यभारत की सबसे बड़ी इंटरनेशनल कांफ्रेंस रायपुर में, 4 नवंबर को कांफ्रेंस के तीसरे दिन भी पहुंचे देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने बालाजी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस दे रहा अपना अहम योगदान, डॉक्टर देवेंद्र नायक की मौजूदगी में हो रही चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न चर्चाएं, डेढ़ सौ मरीजों की हुई निशुल्क सर्जरी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस, मोवा में आयोजित चार दिवसीय अमासीकॉन-2023 के तीसरे दिन शनिवार को देश-विदेश से पहुंचे डॉक्टर्स ने मीडिया से चर्चा कर रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के महत्व को साझा किया। डॉक्टरों ने कहा कि इस दौर में हर मरीज के लिए रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी बहुत उपयोगी है। भाग-दौड़ भरी इस जिंदगी में इन सर्जरी की मदद से मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने काम-काज में लौट पा रहे हैं। भारत दुनिया का ऐसा देश बन चुका है जहां छोटी-छोटी जगहों में सर्जरी की मदद से उपचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर्निया जैसी बीमारी का इन सर्जरी से उपचार के बाद तीन दिन में मरीज खेती-किसानी जैसे मेहनतकश कार्य भी कर सकते हैं।

सर्जरी को बढ़ावा देने ‘अमासी’ की टीम का बड़ा योगदान

एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जन ऑफ इंडिया (अमासी) एक आर्गनाइजेशन है। इसमें दुनियाभर के विशेषज्ञ डॉक्टर्स सहित लगभग 16 हजार सदस्य सम्मिलित हैं। इस अवसर पर अमासीकॉन के फाउंडर प्रेसिडेंट डॉ सी. पलानीवेल्लू, प्रेसिडेंट अमासीकॉन डॉ. वर्गीसी सीजे और डॉ. रमेश अर्थनारी सहित डॉक्टर्स ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर्स का यह समूह मरीजों को हर सम्भव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। समूह के द्वारा लगभग 18 इंटरनेशन कांफ्रेंस की जा चुकी है। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर्स द्वारा जूनियर डॉक्टर्स को सर्जरी से संबंधित तकनीकी जानकारियां साझा की जाती हैं, जिसका प्रतिफल यह है कि आज भारत के छोटे-छोटे टॉउन में में भी रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। भारत में इस एसोसिएशन के द्वारा अब तक 40 जगहों पर वर्कशॉप का आयोजन किया जा चुका है। इसके लिए यहां 5 टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार डॉक्टर्स को प्रशिक्षित कर रही हैं।

150 मरीजों की हो रही निःशुल्क सर्जरी

छत्तीसगढ़ सर्जन एसोसिएशन एवं श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में पहली बार मध्यभारत में इतने भव्य स्तर पर श्री बालाजी हॉस्पिटल कैंपस में यह इंटरनेशनल कांफ्रेंस ‘अमासीकॉन-2023’ आयोजित की गई है। इसमें बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर, इंग्लैंड, ताईवान, यूएसए सहित 7 एशियाई देश के डॉक्टर्स शिरकत कर एडवांस रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं। इसका छत्तीसगढ़ के स्थानीय डॉक्टर्स और मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जन ऑफ इंडिया (अमासी) के आर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री और श्री बालाजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमेन डॉ. देवेंद्र नायक ने बताया कि इसमें 150 मरीजों की निःशुल्क सर्जरी श्री बालाजी हॉस्पिटल में इन सर्जन के द्वारा की जा रही। इसके लिए अस्पताल में 10 ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं। यहां पर लगभग 12 घंटे तक लगातार सर्जरी चलती है। डॉ. नायक ने बताया कि कैडेवर पर भी 6-7 अलग-अलग प्रकार की सर्जरी प्लान की गई है। वहीं इस अवसर पर मास की डिग्री भी 350 डॉक्टरों को प्रदान की जाएगी।

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