शक्ति जिले के तीन सरकारी स्कूलों में हुआ सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिले विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन स्कूल के विद्यार्थियों को भी किया गया जागरूक.न्यायिक अधिकारियों ने विस्तार पूर्वक विद्यार्थियों को किया जागरूक




शक्ति जिले के तीन सरकारी स्कूलों में हुआ सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिले विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन स्कूल के विद्यार्थियों को भी किया गया जागरूक.
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- तालुका विधिक सेवा समिति, सक्ती के तत्वावधान में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जिले के तीन शासकीय विद्यालयों में विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर जागरूक करना रहा। उक्त अभियान के अंतर्गत श्रीमती लीना अग्रवाल, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति, सक्ती द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरा में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इसी क्रम में श्री प्रशांत कुमार शिवहरे, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सक्ती द्वारा शासकीय हाई स्कूल सकरेली में तथा कुमारी अंकिता देवदास, न्यायिक मजिस्ट्रेट, सक्ती द्वारा शासकीय हाई स्कूल परसदाखुर्द में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराते हुए बाल अधिकार, बाल संरक्षण, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), बाल शोषण एवं बाल उत्पीड़न से बचाव तथा गुड टच-बैड टच के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को घर से विद्यालय आने-जाने के दौरान सतर्क रहने, अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने तथा किसी भी व्यक्ति के अनुचित व्यवहार अथवा अनावश्यक स्पर्श की स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि समय रहते इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों एवं अधिकारियों को देनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उक्त कार्यक्रम में प्राचार्य श्री सुरेश जयसवाल, और पैरालीगल वॉलिंटियर मनीष साहू, प्रहलाद बंजारे, संतोष कश्यप, भुनेश्वर साहू उपस्थित रहे कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने, अपने अधिकारों को समझने तथा किसी भी प्रकार के बाल अपराध के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।





