शरद पूर्णिमा के पर्व पर अपनी पंक्तियों के माध्यम से शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला साहित्यकार उषा जैन केडिया ने

प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीमती उषा जैन केडिया मैसूर कर्नाटक

शरद पूर्णिमा के पर्व पर अपनी पंक्तियों के माध्यम से शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला साहित्यकार उषा जैन केडिया ने

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -25 अक्टूबर 2026 को पूरी दुनिया में शरद पूर्णिमा का पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। तो वहीं कर्नाटक के मैसूर की प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीमती उषा केडिया ने शरद पूर्णिमा के इस पावन मौके पर अपनी पंक्तियों के माध्यम से इसके महत्व पर प्रकाश डाला। श्रीमती उषा केडिया ने कहा कि

श्यामल नभ पर चमक रही है दूधिया-सी रोशानी.

फ़िज़ाओं में है खुशानुमा-सा, मदमस्त समीर का स्पर्श, किरणें कर रही हैं अठखेलियाँ.

झिलमिल-झिलमिल तारे टिमटिमा रहे हैं, चाँद के संग चकोर आए, मोर देखो, शोर मचा रहे हैं.

भर लो नई उमंग, भर लो नई तरंग, चाँद देखो, अवनि पर पूर्ण प्रकाश फैलाए.

आओ, हम सब मिलकर शरद पूर्णिमा मनाएँ, चाँद के संग हम भी चाँदनी फैलाएँ.

तप्त हृदय पर शरद ऋतु की शीतलता फैलाऐं, बनकर तारे सभी एक-दूजे का सहारा बन जाएँ.

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