गौरवशाली क्षण -शक्ति पुलिस की सक्रियता के चलते प्रदेश स्तर पर अपने कार्यों से पुलिस को मिला बड़ा सम्मान-राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में शक्ति जिला रहा टॉप टेन पर. पुलिस कप्तान प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पूरे जिले में वृहद रूप से चलाया गया साइबर जागृति अभियान






शक्ति पुलिस की सक्रियता के चलते प्रदेश स्तर पर अपने कार्यों से पुलिस को मिला बड़ा सम्मान-राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में शक्ति जिला रहा नवें स्थान पर. पुलिस कप्तान प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पूरे जिले में वृहद रूप से चलाया गया साइबर जागृति अभियान
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शक्ति जिला पुलिस की सक्रियता ने एक बार फिर जिले को प्रदेश स्तर पर अपनी एक नई पहचान दी है।राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में जिला सक्ती ने हासिल किया 9वां स्थान।नवगठित जिलों में जिला सक्ती प्रथम स्थान पर, साइबर जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि।साइबर जागृति अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय सक्ति ने जिस जिस गांव में भी जन चौपाल लगाकर जागरूकता संदेश दिया सभी जगह में छत्तीसगढ़ी बोली में दिया।छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में संचालित राज्य स्तरीय अभियान में जिला सक्ती टॉप-10 में शामिल।नवगठित जिलों में जिला सक्ती को मिला प्रथम स्थान।थाना स्तर से लेकर गांव, स्कूल, कॉलेज एवं सार्वजनिक स्थलों तक चलाया गया व्यापक साइबर जागरूकता अभियान।छात्र, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक एवं आमजन को साइबर अपराध से बचाव के बताए गए उपाय
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दिनांक 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक राज्य के सभी 33 जिलों में राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करना तथा साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित करना था।
इस राज्य स्तरीय अभियान में जिला सक्ती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 9वां स्थान प्राप्त कर टॉप-10 जिलों में स्थान बनाया है। वहीं नवगठित जिलों में जिला सक्ती ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में थाना स्तर तक चलाया गया व्यापक अभियान
पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन में तथा SDOP सक्ति भुवनेश्वरी पैंकरा,SDOP डभरा सुमित गुप्ता, DSP मुख्यालय एवं जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं पुलिस टीमों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागृति कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस टीमों द्वारा चौक-चौराहों, बाजारों, ग्रामों, स्कूलों, महाविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग को शामिल करते हुए छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, घरेलू महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजन को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर ऑनलाइन ठगी तक बताए गए बचाव के उपाय
अभियान के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, फर्जी लिंक, ऑनलाइन निवेश, केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने तथा अन्य प्रकार के साइबर फ्रॉड के संबंध में जानकारी दी गई।
लोगों को समझाया गया कि—
▪️किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
▪️अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध APK/मोबाइल एप डाउनलोड न करें।
▪️किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल न करें।
▪️पुलिस, सीबीआई, ईडी, कोर्ट अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का भय दिखाने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। कोई भी वास्तविक सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
▪️ऑनलाइन खरीदारी, निवेश अथवा नौकरी के नाम पर पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति/वेबसाइट की सत्यता की जांच करें।
▪️सोशल मीडिया पर प्राप्त फर्जी ऑफर, लॉटरी, इनाम, लोन एवं नौकरी संबंधी संदेशों से सावधान रहें।
▪️सार्वजनिक स्थानों पर अनजान Wi-Fi अथवा संदिग्ध नेटवर्क के माध्यम से बैंकिंग लेन-देन से बचें।
▪️बैंक खाते में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा राशि जमा होने पर उसके कहने पर राशि वापस भेजने से पहले बैंक से संपर्क करें।
▪️साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
इसके साथ ही निकटतम पुलिस थाना/साइबर थाना को तत्काल सूचना दें, ताकि ठगी की राशि को होल्ड कराने एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए समय पर प्रयास किया जा सके।
सेल्फी स्टैंड बना साइबर जागरूकता का आकर्षण
साइबर जागृति अभियान के दौरान जिला पुलिस द्वारा सेल्फी स्टैंड का भी प्रभावी उपयोग किया गया। आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं अन्य वर्गों के लोगों ने सेल्फी स्टैंड के माध्यम से अधिक से अधिक सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा के संदेश को आगे बढ़ाया।
*इसके साथ ही मोबाइल के माध्यम से सेल्फी लेने के लिए लिंक साझा कर लोगों को प्रेरित किया गया, जिससे नागरिकों ने स्वयं साइबर सुरक्षा का संदेश अपनाने के साथ-साथ अपने परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया।इस प्रकार अभियान को केवल पुलिस एवं आमजन तक सीमित न रखते हुए “एक व्यक्ति जागरूक हो और अनेक लोगों को जागरूक करे” की भावना के साथ जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
जिला पुलिस सक्ती द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता एवं जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक, QR कोड, मोबाइल एप अथवा ऑनलाइन ऑफर पर तत्काल विश्वास न करें।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें” की आदत अपनाएं तथा साइबर अपराध होने की स्थिति में बिना समय गंवाए 1930 पर संपर्क करें।
जिला सक्ती पुलिस की टीम वर्क का परिणाम
राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान में जिला सक्ती का 9वां स्थान प्राप्त कर टॉप-10 में शामिल होना तथा नवगठित जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं पुलिस कर्मचारियों द्वारा किए गए सामूहिक प्रयास, व्यापक जनसंपर्क एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का परिणाम है।इस अभियान में थाना सक्ती सहित जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।जिला पुलिस सक्ती द्वारा साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता एवं कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा।






