ब्रेकिंग न्यूज़-पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को SIR के नोटिस. नोटिस में और भी कई दिग्गज नेताओं के नाम भी है शामिल

ब्रेकिंग न्यूज़-पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को SIR के नोटिस. नोटिस में और भी कई दिग्गज नेताओं के नाम भी है शामिल kshititech

लालकृष्ण आडवाणी और एस जयशंकर को भी SIR के नोटिस

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -लिस्ट में कांग्रेस के सीनियर नेता व सांसद कपिल सिब्बल, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के नाम भी शामिल हैं। इन लोगों को अलग-अलग मामलों में नोटिस भेजा गया है।पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस जयशंकर।वोटर लिस्ट के SIR की प्रक्रिया के दौरान जारी नोटिस की सूची में कई बड़े नाम भी सामने आए हैं। इनमें बीजेपी के सीनियर नेता व पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चुनाव आयुक्त एसएस संधू शामिल हैं। न्यूज18 की रिपोर्ट में यह बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लिस्ट में कांग्रेस के सीनियर नेता व सांसद कपिल सिब्बल, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भी नाम हैं। इन लोगों को अलग-अलग मामलों में मतदाता सूची से जुड़े रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए नोटिस भेजा गया है।

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नोटिस के मुताबिक, एसएस संधू के मामले में मतदाता रिकॉर्ड में उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया। विदेश मंत्री जयशंकर और उनकी पत्नी केएस जयशंकर के नाम भी नोटिस लिस्ट में हैं। कपिल सिब्बल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के नाम पिछले SIR के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे। इस कारण उन्हें नोटिस जारी किया गया है। इस सूची में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम भी हैं। लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी का नाम भी लिस्ट में दर्ज है।

नोटिस भेजने की क्या है वजह

रिपोर्ट के मुताबिक, कई प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों को नोटिस भेजा गया है। इसकी वजह पिछले एसआईआर के रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होना या रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां बताई गई हैं।अलग-अलग मामलों में नाम की स्पेलिंग में अंतर, पुराने रिकॉर्ड से नाम मैच नहीं करना और अन्य रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों को आधार बनाया गया है। इन नोटिस का मकसद संबंधित मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और वोटर लिस्ट के सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट SIR की शुरुआत सबसे पहले बिहार में की थी। आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में इसकी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत 9 राज्यों व अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में अक्टूबर 2025 से एसआईआर शुरू हुआ, जो अप्रैल 2026 तक चला। इसके बाद तीसरे चरण में 2026 में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना आदि में प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन आयोग के अनुसार तीसरे चरण में कुल 16 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं

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