फुकेट से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का विमान टर्बुलेंस नहीं, 3 हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने से गिरा था। जांच में बड़ा खुलासा




फुकेट से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का विमान टर्बुलेंस नहीं, 3 हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने से गिरा था। जांच में बड़ा खुलासा
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -फुकेट से दिल्ली एयर इंडिया की एक फ्लाइट में टर्बुलेंस के चलते क्रू मेंबर्स समेत कई यात्री घायल हुए थे. अब इस घटना को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं. शुरुआत में एयरबस A320 में हुई इस घटना की वजह टर्बुलेंस बताया गया था, लेकिन कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 3 हाइड्रोलिक सिस्टम की खराबी के चलते विमान में अल्टीट्यूड ड्रॉप हो सकता है, जो पहले कभी नहीं हुआ था. फ्रांस की विमान बनाने वाली कंपनी भी घटना की जांच में शामिल हो गई है. एयरबस ने आज एक बयान में कहा,’ ICAO के एनेक्स के मुताबिक, एयरबस संबंधित जांच अधिकारियों को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है. हम एयरलाइन को सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं और जैसे ही कोई नई जानकारी उपलब्ध होगी, हम उसे साझा करेंगे. जांच में सहायता के लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम भेजी जा रही है.’ घटना के समय ओडिशा के ऊपर से गुजर रहे विमान को लेकर सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने टर्बुलेंस शब्द का जिक्र नहीं किया.बता दें कि घटना को लेकर अगर मान भी लिया जाए कि पायलट को कॉकपिट में 3 हाइड्रोलिक सिस्टम का फेल होना जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा था, तब भी पायलट विमान के पिछले हिस्से को नहीं देख सकता है, क्योंकि एविएशन का पहला नियम यह है कि इस स्थिति में उड़ान जारी रखनी चाहिए. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर किसी पायलट को ऐसी किसी चीज का सामना करना पड़ता है, जिससे इमरजेंसी जैसी स्थिति बनती है, तो भी यात्रियों के घायल होने की आशंका के बावजूद पायलट के लिए विमान के पिछले हिस्से में रहने की कोई स्थिति नहीं है. एक और सवाल ये है कि अगर विमान में इतनी बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी, तो पायलट ने पहले उपलब्ध एयरपोर्ट पर लैंडिंग क्यों नहीं की? उसने इसके बावजूद विमान उड़ाना जारी रखा. एयर इंडिया का पायलट इन कमांड दिल्ली में पोस्ट फ्लाइट स्क्रीनिंग के बाद साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट में पॉजिटिव निकला था. किसी भी एयरलाइन में एयरबस विमान के एक फुली क्वालीफाइड कमांडर के लिए 100 से ज्यादा लोगों की जान की जिम्मेदारी वाले विमान को उड़ाने से पहले ड्रग्स का सेवन करना असंभव है. हालांकि, यूरीन टेस्ट में फेल होने का यह अर्थ नहीं है कि पायलट ने किसी तरह के ड्रग्स का सेवन किया था, लेकिन अगर यूरीन टेस्ट में लगातार असफलता मिलती है, तो यह कुछ संकेत जरूर दे सकता है. फिलहाल घटना को लेकर फाइनल टेस्ट के रिजल्ट का इंतजार किया जा रहा है.एयर इंडिया की घटना में घायल हुए 17 लोगों में से कुछ अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.







