देश के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ राम विजय शर्मा के नेतृत्व में मेघदूत-मेघमार्ग पर अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संस्कृति यात्रा 2026 का होगा प्रथम बार ऐतिहासिक आयोजन. 30 जून को होगी यात्रा प्रारंभ. 10 अलग-अलग पड़ाव में संपन्न होगी यात्रा


देश के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ राम विजय शर्मा के नेतृत्व में मेघदूत-मेघमार्ग पर अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संस्कृति यात्रा 2026 का होगा प्रथम बार ऐतिहासिक आयोजन. 30 जून को होगी यात्रा प्रारंभ
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -देश के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ राम विजय शर्मा, इतिहासकार, पुरातत्ववेता एवं अंर्तराष्ट्रीय शोधकर्ता रायपुर भारत के नतृत्व में “मेघदूत-मेघमार्ग पर अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संस्कृति यात्रा 2026” का प्रथम बार ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है। यह अतर्राष्ट्रीय यात्रा आषाढ़ मास के पहला दिन के पावन अवसर पर 30 जून 2026 को मृगाडांड (आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की जन्म स्थली) से प्रारंभ होकर रतनपुर, अमरकंटक, विदिशा, उज्जैन, देवगढ़, मंसौर, कुरूक्षेत्र, हरिद्वार, काठमांडू (नेपाल), ल्हासा (तिब्बत) होते हुए मानसरोवर (अल्कापुरी) तक जाएगी। इस यात्रा में कुल 10 पडाव बनाए गए है, तथा चार प्रमुख पड़ाव बनाए गए है। जहां मेघदूत का संस्कृत, छत्तीसगढ़ी, अग्रेजी, नेपाली, तिब्बति भोटी भाषा में पाठन होगा। इस यात्रा में देश-विदेश के इतिहासकार, पुरातत्ववेता, साहित्यकार, पत्रकार, अभिवक्तागण एवं वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी एवं बैगा भी भाग लेंगें। कई इतिहासकार, पत्रकार आदि बीच के सांसकृतिक पडाव विदिशा, उज्जैन, देवगढ़, मंसौर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, काठमांडू (नेपाल), ल्हासा (तिब्बत) मे अपनी सुविधा के अनुसार शामिल होंगें। इस अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का प्रमुख उददेश्य पांडो आदिवासी समाज एवं अन्य आदिवासी समाज की संस्कृति का एवं छत्तीसगढ़ी संस्कृति का देश-दुनिया में प्रचारित करना है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान आदिवासी चिकित्सा पध्दति आदिवासी खान-पान, उनके भवन निर्माण कला एवं चित्रकला को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना भी एक भाग है।

