इटली की प्रधानमंत्री जॉर्ज मेंलोनी ने कहा- ना मैंने कभी किसी के सामने भीख मांगी। ना हीं इटली भीख मांगेगा. मामला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मेंलोनी पर फोटो खिंचवाने के लिए मिन्नते करने संबंधी चर्चाओं का. मोदी जी से मिलकर उनकी मुरीद हो गई थी मेलोनी तो वहीं ट्रंप के साथ दोस्ती को लेकर खड़ा हो गया बखेड़ा

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्ज मेंलोनी ने कहा- ना मैंने कभी किसी के सामने भीख मांगी। ना हीं इटली भीख मांगेगा. मामला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मेंलोनी पर फोटो खिंचवाने के लिए मिन्नते करने संबंधी चर्चाओं का. मोदी जी से मिलकर उनकी मुरीद हो गई थी मेलोनी तो वहीं ट्रंप के साथ दोस्ती को लेकर खड़ा हो गया बखेड़ा kshititech

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्ज मेंलोनी ने कहा- ना मैंने कभी किसी के सामने भीख मांगी। ना हीं इटली भीख मांगेगा. मामला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मेंलोनी पर फोटो खिंचवाने के लिए मिन्नते करने संबंधी चर्चाओं का. मोदी जी से मिलकर उनकी मुरीद हो गई थी मेलोनी तो वहीं ट्रंप के साथ दोस्ती को लेकर खड़ा हो गया बखेड़ा

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जियो मेलोनी हाल ही में फ्रांस में हुई G7 समिट में मिले थे। इस ग्लोबल समिट में शामिल होने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गए थे।फ्रांस में समिट के पूरा होने के बाद डोनल्ड ट्रंप और जॉर्जियो मेलोनी के बीच फोटो खिंचवाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप ने दावा किया कि इटली की प्रधानमंत्री ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए मिन्नतें कीं। ट्रंप के इस बयान के सामने के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार, 19 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके ट्रंप के इन सभी दावों को खारिज कर दिया और कहा- न मैं और न ही इटली ने कभी किसी से भीख मांगी है।अब इस मामले को लेकर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर किया है और कहा है कि जॉर्जिया मेलोनी उनसे फिर से दोस्ती करना चाहती हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘फ्रांस में G-7 मीटिंग के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बार-बार मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने की गुजारिश की।’ट्रंप ने आगे बताया, ‘इटली में उनकी लोकप्रियता का स्तर गिर रहा है, शायद इसलिए क्योंकि जब ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने या बनाने से रोकने की बात आई, तो उन्होंने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया (हालांकि NATO ने भी ऐसा ही किया था!)।अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, ‘उन्होंने हमें इटली के लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया, जिससे बहुत बड़ी लॉजिस्टिकल दिक्कत हुई और यह तब हुआ जब अमेरिका इटली और दूसरे तथाकथित NATO सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है।’ट्रंप ने आगे बताया, ‘अब, जब अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्ती करना चाहती हैं। नहीं, शुक्रिया!’

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