जेल में बिगड़ी बाबा की तबीयत-सिलियरी के चावल वाले बाबा को लाया गया रायपुर-महासमुंद जेल से गोपनीय तरीके से रायपुर लाए गए दुष्कर्म के आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री.मेकाहारा में उपचार के बाद फिर वापस जाएंगे महासमुंद जेल


जेल में बिगड़ी बाबा की तबीयत-सिलियरी के चावल वाले बाबा को लाया गया रायपुर-महासमुंद जेल से गोपनीय तरीके से रायपुर लाए गए दुष्कर्म के आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -दुष्कर्म के आरोप में महासमुंद सेंट्रल जेल में कैद ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री को गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया. सूमो गाड़ी में सवार आरोपी बाबा को पहले रायपुर केंद्रीय जेल में लाया गया है, जहां से उन्हें उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा. दुष्कर्म से जुड़े सवाल पर बाबा ने स्पष्ट कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि हो सकता है यह मेरे खिलाफ साजिश हो.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद जेल से सूमो गाड़ी नंबर CG 02 5072 में रायपुर लाया गया . इस दौरान फालो गाड़ी के तौर पर CG 03 A 0715 साथ में चल रही थी. शास्त्री को सोनोग्राफी के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा, और रिपोर्ट आने के बाद उन्हें वापस महासमुंद जेल ले जाया जाएगा.बता दें कि महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना में एक महिला ने चर्चित कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ दुष्कर्म की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को सही पाते हुए बागबाहरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 376(2)(ज), 376(2)(एन) और 376(2)(एम) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री को रायपुर जिले के सिलयारी से गिरफ्तार किया था.बताया जा रहा है महासमुंद केंद्रीय जेल में भर्ती रहने के दौरान बाबा की तबीयत बिगड़ी है, जिसके बाद महासमुंद पुलिस की की एक विशेष टीम बाबा की सामाजिक व सार्वजनिक पहचान को देखते हुए बेहद सतर्कता के साथ रायपुर केंद्रीय जेल में लेकर पहुंची है, जहां कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद उपचार के लिए मेकाहारा ले जाया जाएगा.
आश्रम में उमड़ती थी भारी भीड़
गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र नयन शास्त्री मूल रूप से रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र का रहने वाला है. वह लंबे समय से अपनीकथावाचन और ज्योतिष विधा को लेकर सुर्खियों में रहा है. आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच उसकी पहचान ‘चावल देखकर भविष्य बताने वाले बाबा’ के रूप में रही है, जिसके चलते उसके आश्रम और कार्यक्रमों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी.

