अब दिखेगी संस्कृति- परंपराओं की झलक-छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 16 जून से नजर आएगा बड़ा बदलाव. स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश. स्कूल के बच्चे भी अब बनेंगे और संस्कारिक. क्रियान्वयन मे लापरवाही होने पर संस्था प्रमुख के खिलाफ होगी कार्रवाई


अब दिखेगी संस्कृति- परंपराओं की झलक-छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 16 जून से नजर आएगा बड़ा बदलाव. स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश. स्कूल के बच्चे भी अब बनेंगे और संस्कारिक
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ प्रदेश के सारे सरकारी स्कूलों में अब 16 जून से बड़ा बदलाव नजर आएगा तथा सरकार ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं।छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, रायपुर के पत्र क्रमांक GENCOR-35010/1981/2026-SCHOOL EDUCATION SECTION दिनांक 12-06-2026 के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, छत्तीसगढ़ को आदेशित करते हुए शालाओं में विभिन्न गतिविधियां संचालित किये जाने के संबंध में कहां गया है जिसके अंतर्गत
नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित समस्त शालाओं के अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के बौद्धिक विकास एवं अपनी संस्कृति/परंपराओं से अवगत कराये जाने के उद्देश्य से शालाओं में निम्नानुसार गतिविधियां संचालित किया जाना है।सुबह प्रार्थना में स्कूल लगने पर राष्ट्रगान।राष्ट्रगीत।दीपमंत्र।सरस्वती वंदना। गुरू मंत्र।महापुरूषो का जीवनी का वाचन दोपहर में मध्यान्ह भोजन के समय भोजन मंत्र एवं शाम के समय स्कूल की छुट्टी होने पर राज्यगीत। गायत्री मंत्र.एवं शांति मंत्र अनिवार्य रूप से करवाना होगा विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि उक्त गतिविधियां प्रतिदिन ऊपर वर्णित क्रमानुसार आयोजित किया जाना सुनिश्चित करें। उपरोक्त आदेश अवर सचिव रामेश्वर प्रसाद वर्मा द्वारा जारी किया गया है
सरस्वती शिक्षा संस्थान के स्कूलों में दशकों से चली आ रही है यह परंपराएं
विद्या भारती के अधीनस्थ सरस्वती शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित लाखों स्कूलों में ये संस्कृति और परंपराएं दशकों से चली आ रही है। तथा विद्यार्थियों को स्कूलों के दौरान नियमित रूप से ये सभी मंत्र करवाए जाते हैं तथा पूरे देश में सरस्वती शिशु मंदिर संस्कृति एवं परंपराओ का लगातार निर्वाण करते आ रहे हैं। तथा यही सब अब छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में भी देखने को मिलेगा। जो की एक अच्छी पहल है। वहीं छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल का प्रदेशवासियों ने स्वागत किया है

