सोलर मेन तरुण कपूर को तीसरी बार बनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रमुख सलाहकार. बहुमुखी प्रतिभाओं के धनी है कपूर साहब




सोलर मेन तरुण कपूर को तीसरी बार बनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रमुख सलाहकार
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सकती -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय पूर्व नौकरशाह तरुण कपूर को केंद्र सरकार में एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुवार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में उनके कार्यकाल को एक साल का सेवा विस्तार (Extension) देने की मंजूरी दे दी है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, उनका नया कार्यकाल 10 जून, 2026 से प्रभावी होगा।आइए जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश कैडर के 1987 बैच के इस रिटायर्ड IAS अधिकारी को प्रशासनिक गलियारों में ‘सोलर मैन’* क्यों कहा जाता है और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।हिमाचल काडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी तरुण कपूर नवंबर, 2021 में केंद्र सरकार के पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इंजीनियर प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाने जाते तरुण कपूर ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री की योजना को धरातल पर उतारने के लिए ब्लू प्रिंट भी तैयार किया था। इसके लिए उनके साथी उन्हें आईएएस सोलर मैन के नाम से भी पुकारते हैं।केंद्र की एनर्जी ट्रांसमिशन एडवाइजरी कमेटी कपूर की अध्यक्षता में बनी है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों जैसे हाइड्रोजन एवं बायो ईंधन इत्यादि की हिस्सेदारी बढ़ाना था। कपूर शिमला शहर के केलेस्टन यानी लांगवुड क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी स्कूली शिक्षा मंडी व पालमपुर में हुई है। उनके पिता बिजली विभाग में रहे हैं।केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक, ‘कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के सलाहकार के तौर पर कपूर की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है। उनकी रैक और स्केल भारत सरकार में सचिव का होगा और प्रारंभ में उनकी नियुक्ति पद संभालने की तिथि से दो साल के लिए होगी।’इलेक्ट्रिकल इंजीनियर तरुण कपूर को ऊर्जा क्षेत्र में अच्छा अनुभव है। राज्य में अतिरिक्त मुख्य सचिव बनने से पहले वह प्रदेश सरकार में निदेशक पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, एवं शिमला व चंबा जिलों के उपायुक्त भी रहे।उन्होंने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी में आवासीय आयुक्त के पद पर भी कार्य किया है। लोक निर्माण, वन एवं पर्यावरण, आबकारी एवं कराधान, खाद्य एवं आपूर्ति विभागों को भी उन्होंने बतौर सचिव या प्रधान सचिव सेवाएं दी हैं।






