ब्रेकिंग न्यूज़-काम बंद और कलम बंद-आज 1 जून से हड़ताल पर चले गए छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार. मामला सीतापुर विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार से मारपीट का. शक्ति जिले में भी दिखा हड़ताल का असर. तहसील कार्यालयो में कामकाज ठप्प

ब्रेकिंग न्यूज़-आज 1 जून से हड़ताल पर चले गए छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार. मामला सीतापुर विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार से मारपीट का. शक्ति जिले में भी दिखा हड़ताल का असर

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ में आज 1 जून से राजस्व अधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल “कलमबंद और कामबंद” शुरू हो गई है. सरगुजा जिले के सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो द्वारा राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट के बाद राज्य के 500 से ज्यादा तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं. हड़ताल के चलते जब दो दिनों की छुट्टियों के बाद सोमवार को तहसील कार्यालय खुले तो पता चला कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार सभी हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग बैरंग वापस लौट गए। तो वहीं संघ का कहना है कि जब तक नायब तहसीलदार के साथ मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी

हड़ताल और विवाद से जुड़े मुख्य बिंदु

घटना का कारण मैनपाट क्षेत्र के राजापुर में ज़मीन से जुड़े एक मामले की फाइल पर हस्ताक्षर करने को लेकर नायब तहसीलदार और विधायक की बहन के बीच विवाद हुआ था, जिस पर विधायक समर्थकों ने अधिकारी से हाथापाई की

एफआईआर नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक और उनके समर्थकों पर केस दर्ज हुआ है. वहीं विधायक की बहन ने भी अधिकारी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए काउंटर FIR दर्ज कराई है
प्रमुख मांगें राजस्व अधिकारी विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं
असर हड़ताल के कारण रायपुर, सरगुजा, रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ज़मीन-जायदाद के काम, आय/जाति प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व न्यायालय के कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं

हड़ताल से प्रभावित होंगे सुशासन तिहार के जन समाधान शिविर

1 जून से तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत 10 जून तक चलने वाले समाधान शिविर बुरी तरह से प्रभावित होंगे। क्योंकि जन समाधान शिविरों में तहसील कार्यालय से संबंधित अधिक से अधिक मामले आते हैं।तथा जब मौके पर अधिकारी ही नहीं रहेंगे तो आखिर में जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे होगा।इस बात को लेकर बड़ा सवालिया निशान लग गया है

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