राजधानी में नकली कफ सीरप बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़. करीब 50 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद

राजधानी में नकली कफ सीरप बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़. करीब 50 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद kshititech

राजधानी में नकली कफ सीरप बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़. करीब 50 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -राजधानी के एयरपोर्ट रोड स्थित पटेल सिटी में चल रही नशीली कफ सिरप की अवैध फैक्ट्री का मप्र एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब 49,920 शीशियां प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसटीएफ ने तीन नाबालिगों सहित कुल 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित सीहोर, राजगढ़ और भोपाल के रहने वाले हैं।यह अवैध फैक्ट्री करीब सात माह से संचालित हो रही थी, जिसकी भनक स्थानीय गांधीनगर थाने को नहीं लगी। इससे पहले भी जगदीशपुर (बैरसिया रोड), ईंटखेड़ी और बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र (कटाराहिल्स) में अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इससे कोई सबक नहीं लिया।एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपित थोक बाजार से भारी मात्रा में ‘आनरेक्स’ और ‘आफ कफ’ नामक सिरप के कार्टन मंगवाते थे। इसके बाद मूल लेबल को खरोंचकर बिना बैच नंबर के दोबारा पैकिंग करते थे। मकान मालिक जयदीप सिंह से आरोपितों ने मकान किराए पर लिया था। यहां बकायदा मशीनें लगाकर एक्सपायर्ड माल को री-पैकेज किया जा रहा था, ताकि बाजार में धड़ल्ले से खपाया जा सके और पकड़े जाने पर सोर्स ट्रेस न हो सके। एसटीएफ ने कफ सीरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इस अमानक कफ सिरप पर कीमत 210 रुपये लिखी गई है।मौके से पकड़े गए मुख्य आरोपितों में आकाश भाटी व नरेश भाटी (श्यामपुर, सीहोर), चन्द्रपाल मुखिया व हरिओम मोगिया (इछावर, सीहोर), धानसिंह व अजय मोगिया (राजगढ़) और अकील खान (परवलिया, भोपाल) शामिल हैं। इनके अलावा गैंग में शामिल तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मौके से भारी मात्रा में खाली शीशियां, रैपर, सीलिंग मशीन और एक लोडिंग गाड़ी भी जब्त की गई हैएसटीएफ अब उस मुख्य सप्लायर और दवा बाजार के डिस्ट्रीब्यूटर्स की तलाश में है, जो इतनी बड़ी तादाद में माल पहुंचा रहे थे। डीआइजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि भोपाल को इस काले कारोबार का मुख्य हब बनाया गया था। यहां से री-पैकेजिंग कर माल ग्वालियर समेत महाकौशल के रीवा, सतना, सीधी, विदिशा और आसपास के जिलों में सप्लाई किया जा रहा था।मामले में फूड एंड ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है और जल्द ही कुछ बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो सकती है।बता दें, अमानक कफ सिरप का खामियाजा मध्य प्रदेश पहले भी भुगत चुका है। यहां छिंदवाड़ा और बैतूल जिले में अमानक कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में 25 बच्चों की मौत हो गई थी*

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