शक्ति में 19 मई से प्रारंभ हुआ नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम.अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास दीदी राधा किशोरी के सानिध्य में हो रहा कार्यक्रम. प्रथम दिवस सैकड़ो श्रद्धालु भक्त जनों ने की कार्यक्रम में सहभागिता

शक्ति में 19 मई से प्रारंभ हुआ नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम.अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास दीदी राधा किशोरी के सानिध्य में हो रहा कार्यक्रम. प्रथम दिवस सैकड़ो श्रद्धालु भक्त जनों ने की कार्यक्रम में सहभागिता kshititech
नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम में दीदी राधा किशोरी जी

शक्ति में 19 मई से प्रारंभ हुआ नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम.अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास दीदी राधा किशोरी के सानिध्य में हो रहा कार्यक्रम

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -शक्ति शहर की हटरी धर्मशाला में श्री श्याम परिवार शक्ति। राधा सखी परीकर सकती। अखिल भारतीय महिला समिति एवं शहर के समस्त महिला मंडलों के संयुक्त तत्वाधान में 19 मई को नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 21 मई तक चलेगा एवं कार्यक्रम के प्रथम दिवस जहां आयोजन समिति के सदस्यों ने आगंतुक दीदी जय राधा किशोरी का स्वागत किया। तो वहीं अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास अध्यात्म कथा प्रवक्ता परम पूज्य दीदी श्री राधा किशोरी जी श्री धाम वृंदावन,, तीन दिवसीय भक्ति ज्ञान गंगा ,,नानी बाई रो मायरो माकथा आयोजक समिति श्री श्याम परिवार राधा सखी मंडल अखिल भारतीय महिला मंडल और शक्ति नगर का प्रबुद्ध समाज आज प्रथम दिन के पावन कथा प्रसंग में मुख्या यजमान और समस्त भक्तों के द्वारा व्यासपीठ पूजन करके आशीर्वाद प्राप्त किया गया उसी के साथ व्यास पीठ से भक्तमाल पुराण ग्रंथ की पूजा आरती अर्चना की गई

*इसी क्रम में श्री किशोरी जी ने शास्त्रोक्त विधान विधान के साथ मंत्रों का गायन करते हुए भगवान नाम संकीर्तन कराया और कथा प्रसंग में,, सांवरिया है सेठ म्हारी राधा जी सेठानी है ,,बड़ा ही मनमोहक भाव सुनते हुए भक्तों को गदगद कर दिया इस कथा के मुख्य यजमान भगवान सांवरा सेठ और बरसाने वाली श्री राधा रानी सांवरा सच्चा सेठ है बाकी सब उनके पुजारी और भक्त है इसी क्रम में नरसी जी के जन्म की कथा कहते हुए दीदी ने बताया कि नरसी जी जन्म के समय ही गूंगे और बहरे थे उनके माता-पिता का भी उनके बचपन में हीदेहावशान हो गया दादी ने नरसी को पाल ,भैया भाभी भी इनकी देखरेख करते थे,, एक दिन एक संत की कृपा से इनको बोलने की क्षमता मिली,, उनकी वाणी खुली और राधा कृष्ण राधा कृष्ण कहने लगे, कालांतर में नरसी शिक्षा दीक्षा लेते हुए अपने ग्रहस्त जीवन में प्रवेश किया वहां नानी बाई नाम की एक बेटी उनके परिवार में कन्या का जन्म हुआ नरसी जी का बेटा भी था ,नरसी जी को बचपन में ही भगवान शिव की कृपा से भगवान श्री राधा कृष्ण का महारास लीला दर्शन और भगवान का कृपा से प्राप्त हुआ भगवान के विशेष आदेश पर इन्होंने फिर से अपने जन्म स्थान जूनागढ़ में आकर के एक छोटी सी झोपड़ी डाली और वहीं रहने लगे वहां भी घर परिवार वालों ने नहीं रहने दिया अंत में किसी सेठ के द्वारा निर्मित एक धर्मशाला में रहने लगे और वही भगवान के रात दिन कीर्तन गुणगान करने लगे ,,कीर्तन की है रात प्रभु आज थाने आना है,, इसी क्रम में न सी का कथा प्रसंग सुनाते हुए दीदी राधा किशोरी जी ने शक्ति समाज के समस्त भक्तों को कीर्तन भजन भगवान के सुंदर नानी बाई मायरा के कथा प्रसंग से बाहर कर दिया गदगद हो करके भक्त लोग श्री कृष्ण नाम कीर्तन में नाचते गाते हुए भाव विभोर होते दिखाई दिए,, कल का समय 3:30 से 6:30 तक का रखा है इस कथा में पहुंचने के लिए समिति ने श्याम मित्र मंडल परिवार और कथा समिति ने सभी भक्तों को सदर आवाहन किया ऐसी अलौकिक कथा सुनने का सौभाग्य कभी-कभी मिलता है

प्रातिक्रिया दे

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