राज्य के 15 जिलों में बिक रहे बोतल बंद पानी में मिला कोलीफॉर्म बैक्टीरिया. हो सकती है बड़ी कार्रवाई.दूषित पानी का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए पैदा कर सकता है गंभीर परेशानियां



राज्य के 15 जिलों में बिक रहे बोतल बंद पानी में मिला कोलीफॉर्म बैक्टीरिया. हो सकती है बड़ी कार्रवाई
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया बघेल की खबर
शक्ति -उत्तर प्रदेश राज्य के 15 जिलों में बिक रहे बोतल बंद पेयजल में काेलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा संकलित किए गए सील पैक पेयजल के नमूनों की खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ में जांच कराई थी।अंबेडकरनगर, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी तथा गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, उन्नाव, रामपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, प्रयागराज, चंदौली आदि के पेयजल में उक्त वायरस मिले हैं।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब ने संबंधित वाटर प्लांट और पानी की खेप की बिक्री पर रोक लगाकर बाजार में पहुंच चुके पानी को वापस मंगाने को कहा है।गत वर्ष दिसंबर में इंदौर के भागीरथपुर में पेयजल में खतरनाक वायरस मिलने पर देशभर में जांच हुई थी।अंबेडकरनगर के अकबरपुर में एक्वा हेल्थ नामक निर्मल वाटर कंपनी के सील पेयजल बोतल में काेलिफार्म बैक्टीरिया पाया गया।अन्य जिलों में उक्त बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि होने के साथ ही कैल्शियम तथा मैग्नीशियम आदि भी निर्धारित मात्रा से कम मिले हैं।उक्त ब्रांड के सील बंद पानी बोतलों के पानी प्रयोगशाला जांच में आसुरक्षित पाए गए हैं। इनमें अधिकांश में कोलिफार्म वायरस पाया गया। वहीं कैल्शियम और मैग्निशियम आदि पोषक तत्वों की निर्धारित मात्रा से कम मिली। कोलिफार्म बैक्टीरिया विशेषकर फीकल कोलिफार्म और ई. कोलाई से दूषित पानी या भोजन का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें मुख्य रूप से दस्त, उल्टी, पेट में ऐंठन, दर्द, बुखार और मचली शामिल हैं।यह आंतों में संक्रमण फैलाते हैं। इससे पेचिश, टाइफाइड व हैजा जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ई-कोलाई के कुछ हानिकारक स्ट्रेन गंभीर आंतों के संक्रमण, रक्तस्राव और गुर्दे की विफलता का कारण बन सकते हैं।






