सड़क किनारे खाने का सामान परोसने वालों को रखना होगा गुणवत्ता एवं स्वच्छता का ध्यान-सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर सक्ती जिले में 15 दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू.ठेले- टपरी में भी खाने के सामानों की हो रही सघन जांच. गुणवत्ता को लेकर विभाग सख्त

सड़क किनारे खाने का सामान परोसने वालों को रखना होगा गुणवत्ता एवं स्वच्छता का ध्यान-सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर सक्ती जिले में 15 दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू.ठेले- टपरी में भी खाने के सामानों की हो रही सघन जांच. गुणवत्ता को लेकर विभाग सख्त kshititech

सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर सक्ती जिले में 15 दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू.ठेले- टपरी में भी खाने के सामानों की हो रही सघन जांच

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयलकी खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार “सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक सक्ती जिले में 15 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के मेडिकल स्टोर्स एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है, ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक तक सही दवा एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ पहुंच सुनिश्चित किया जा सके। अभियान के लिए नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा के नेतृत्व में खाद्य प्रतिष्ठानों तथा मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम द्वारा जन-जागरूकता अभियान के साथ-साथ नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।इसी क्रम में सक्ती स्थित चौपाटियों एवं ठेला-टफरी क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान चाट, गुपचुप, बिरयानी, आइसक्रीम, फालूदा, समोसा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को न्यूज पेपर में खाद्य सामग्री परोसने से बचने, साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थ परोसते समय ग्लब्स एवं हेड कैप का उपयोग करने, तेल का दो बार से अधिक उपयोग न करने तथा खाद्य सामग्री को ढककर रखने जैसे आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष अभियान के तहत पूर्व में भी खाद्य नमूनों की जांच की कार्रवाई की गई है। 17 अप्रैल 2026 को पापा ढाबा हरेठी से पनीर एवं पकी अरहर दाल का नमूना लिया गया था, वहीं 23 अप्रैल 2026 को अशोक सुपर बाजार सक्ती से बेसन, दलिया एवं नमक के नमूने संग्रहित किए गए। उक्त समस्त कार्यवाही में अभिहित अधिकारी श्री एहसान तिग्गा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य एवं निखिलेश साहू सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगामी 15 दिनों तक लगातार जारी रहेगा तथा जिले में खाद्य एवं औषधि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी

सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 1 मई से 10 जून 2026 तक समाधान शिविर का होगा आयोजन।जिले में 4 मई से 10 जून 2026 तक होगा समाधान शिविर का आयोजन

शक्ति -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अनुक्रम में जिले के समस्त जनपद पंचायत अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतो में प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर योजनाओं का लाभ व शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु 4 मई से 10 जून 2025 तक समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

जिले मे कब और कहां होगा समाधान शिविर का आयोजन

शक्ति -जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वासु जैन द्वारा जारी आदेश को संशोधित करते हुए समाधान शिविर का आयोजन 04 मई को जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत कलमी, जमगहन, बड़ेपाडरमुड़ा, मुक्ता, मालखरौदा, चारपारा, चिखली, किरकार, सिंघरा, बड़ेसीपत, पिहरीद, अमेराडीह, भठोरा, चांटीपाली, बेल्हाडीह, नवापारा, नगझर, छोटेसीपत, खेमड़ा, बीरभांठा, परसाडीह, 06 मई को जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत लहंगा, पासीद, किरारी, खुटदहरा, रेडा, सरवानी बा, सकरेली बा, डूमरपारा, डेरागढ, बाराद्वारबस्ती, पलाडीखुर्द, पलाडीकला, नन्दौरखुर्द, नन्दौरकला, लवसरा, बेल्हाडीह, नगरदा, कुरदा, जर्वे, सुन्दरेली, 08 मई को जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत जवाली, ठाकुरपाली, पुटीडीह, भेड़ीकोना, छुछुभांठा, धौराभांठा, गाड़ापाली, किरारी, कोसमंदा, रेड़ा, सकराली, सपोस, साराडीह, बगरैल, बारापीपर, भजपुर, लटेसरा, छवारीपाली, उपनी, 11 मई को जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत रायपुरा, आमापाली, खम्हरिया, चिखलरौंदा, छितापंडरिया, झालरौंदा, डोंगिया, केकराभाठ, भोथिया, भोथिडीह, मलनी, लोहराकोट, सलनी, सिरली, सेंदूरस, हरदी, बर्रा, अकलसरा, दर्राभांठा, 13 मई को जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत बड़ेरबेली. भूतहा, कुरदा, छपोरा, डोमा, अमलीडीह, पिरदा, भड़ोरा, मुड़पार, मिरौनी, नरियरा, रनपोटा, मरघटी, घोघरी, बासीन, देवगांव, माहुलदीप, भेड़ीकोना, बरभाठा, अचरितपाली, बरपाली, 15 मई को जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत रगजा, जाजंग, गढगोढी, मरकामगोढी, अमलडीहा, मसनियाकला, तेन्दुटोहा पतेरापालीखुर्द, जोंगरा, जुडगा, आमापाली, बैलाचुवा, बोरवा, डोडकी, नावापाराखुर्द, कांदानारा, सकरेलीकला, नंदेली, हरदा, 18 मई को जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत चुरतेला, सुखदा, बांधापाली, बरतुंगा, चुरतेली, देवरघटा, धिंवरा, गोबरा, कांसा, कटौद, कुसमुल, लटियाडीह, कोटमी, निमोही, कबारीपाली, केकराभांठ, सिंधितराई, बाड़ादरहा, टुण्ड्री, 20 मई को जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ओडेकेरा, कुटराबोड़, गाड़ामोर, जमडी, देवरघटा, पिसौद, बरदूली, मुक्ता, हरेठीकला, हरेठीखुर्द, भातमाहूल, रीवाडीह, सेंदरी, हरदीडीह, आमाकोनी, चोरभटठी, जर्वे, बहेराडीह बोईरडीह, परसाडीह, 22 मई को जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत लिमगांव, चरौदा, अण्डी, किरारी, बड़ेमुड़पार, सारसकेला, बोड़ासागर, कुधरी, फगुरम, सपिया कर्रापाली, बोकरेल, झर्रा, भांटा, परसा, चरौदी सेरो, कुलबा, अण्डा, 25 मई को जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत लिमतरा, जेठा, भद्रीपाली, नवापाराकलों, सपनाईपाली, अर्जुनी, केरीबंधा, पोरथा, हरेठी, सिघनसरा, परसदाकला, बोईरडीह, सोंठी, टेमर, परसदाखुर्द, 28 मई को जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत गोपालपुर, अमलडीहा, अमलीपाली, बालपुर, बरहागुड़ा, बोरसी, चंदली, डोमनपुर, हरदी, कलमा, कांशीडीह, मड़वा, मिरौनी, नावापारा म, पलसदा, परसापाली, पेण्डरूवां, सिरौली, 29 मई को जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत मल्दा, अमोदा, करही, किकिरदा, कैथा, गुडरूकला, गुंजियाबोड़, घिवरा, चिस्दा, झरप, डोटमा, डोमाडीह, देवरीमठ, धमनी, नगारीडीह, परसदा, पेंड्री, बरेकेलकला, लालमाटी, हसौद, 01 जून को जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत मंद्रागोढ़ी, गोरखापाली, डिक्सी, मोहंदीकला, आड़िल, नौरंगपुर, औरदा, सुलौनी, सोनादुला, कटारी, आमनदुला, मोहतरा, नवागांव, पोता, सकर्रा, बुंदेली, ढिमानी, बंदोरा, करिगांव, दर्राभांठा, 03 जून को जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत अचानकपुर, सोनगुढा, धनुपर, सकरेलीखुर्द, बोकरामुडा. मोहगांव, पतेरापालीकलॉ, देवरी, देवरमाल, जामपाली, गहरीनमुडा, ऋषभतीर्थ, घुईचुवा, बरपालीकला, सेंदरी, बासीन, पुटेकेला, चमराबरपाली, असौदा, 05 जून को जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत धुरकोट, बिलाईगढ़ सिधवा, बिनौधा, दर्री, गिरगिरा, खरकेना, मेढ़ापाली, बघौद, अकोलजमोरा, भांकरपाली, सुरसी, डूमरपाली, कंवली, केनापाली, खैरमुड़ा, कोमो, ओड़ेकेरा, सराईपाली, 08 जून को जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ठठारी, कोटेतरा, गुचकुलिया, ठूठी, तुशार, दतौद, गलगलाडीह, नंदेली, आमगांव, पांडाहरदी., बेलकरी, बेलादूला, बोडसरा, कांशीगढ़, कचंदा, कलमीडीह, करौवाडीह, खुजरानी, अरसिया, 10 जून को जनपद पंचायत डभरा अंतर्गत खुरघटी, खोंधर, बसंतपुर, छुहीपाली, कटेकोनी बड़े, कटेकोनी छोटे, कंवलाझर, कुसुमझर, नावापारा ड, खैरा, रामभांठा, सिरियागढ़, सुखापाली, ठनगन, मांजरकुद, फरसवानी में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा

कलेक्टर ने किसानों से की अपील: एग्रीस्टेक पोर्टल में लंबित खसरों का शीघ्र पंजीयन कराएं।15 जून से पहले छूटे हुए खसरों का पंजीयन कराना किसानों के लिए अनिवार्य

शक्ति -राज्य में एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत सभी कृषि भूमि धारकों का कृषि भूमि पहचान पत्र (फार्म आईडी) एवं कृषक पहचान पत्र (फार्मर आईडी) तैयार किया जा रहा है। किन्तु कुछ श्रेणी के कृषकों के अभिलेख राजस्व अभिलेखों एवं भूईयां रिकॉर्ड में समुचित रूप से अद्यतन नहीं होने के कारण संबंधित किसानों के फार्म आईडी, फार्मर आईडी जारी होने तथा लैंड बॅकेटिंग में समस्या उत्पन्न हो रही है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा एग्रीस्टेक के ऑथोराइजेशन मॉड्यूल के माध्यम से पंजीयन सुनिश्चित करने हेतु तहसीलदार को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला सक्ती में एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए विभिन्न श्रेणियों के कृषकों के लंबित खसरों का पंजीयन किया जाना है। इनमें वन अधिकार पट्टाधारी कृषक के 54, ग्राम कोटवार के 269, डुबान पट्टाधारी के 0, संस्थागत पंजीयन के 55, शासकीय पट्टेदार के 715 तथा रेगहा व अधिया श्रेणी के 44 खसरे शामिल हैं। जिले में कुल 1137 खसरों का पंजीयन लंबित है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले के सभी कृषकों से अपील की है कि वे 15 जून 2026 के पूर्व लोक सेवा केंद्र अथवा स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से एग्रीस्टेक पोर्टल में अपने छूटे हुए खसरों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, जिससे आगामी खरीफ सत्र में खाद, बीज एवं धान खरीदी व बिक्री से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना किसानों को नहीं करना पड़े।

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