कलेक्ट्रेट कार्यालय का बाबू 1 मिनट में 25 शब्द नहीं कर पाया टाइप. तीन बाबूओ का किया गया डिमोशन. क्लर्क से अब हो गए चपरासी

कलेक्ट्रेट कार्यालय का बाबू 1 मिनट में 25 शब्द नहीं कर पाया टाइप. तीन बाबूओ का किया गया डिमोशन. क्लर्क से अब हो गए चपरासी kshititech

कलेक्ट्रेट कार्यालय का बाबू 1 मिनट में 25 शब्द नहीं कर पाया टाइप. तीन बाबूओ का किया गया डिमोशन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -भारत के सरकारी दफ्तरो में आज स्थिति यह है कि अनेकों लोग बिना पात्रता के बावजूद ऐन केन प्रकारेण सरकारी नौकरी तो हासिल कर लेते हैं। किंतु जिस पद पर उनकी नौकरी लगती है।वे उसके बारे में कुछ जानते ही नहीं। जिसके चलते जहां सरकारी कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित होता है। तो वहीं सरकारी अफसर भी परेशान देखे जाते हैं। कुछ इसी तरह का ही एक मामला देखने को आया जब एक मिनट में 25 शब्द टाइप नहीं कर पाने वाले तीन बाबुओं को कानपुर में डिमोशन दे दिया गया,उन्हें क्लर्क से बना दिया गया चपरासी। कानपुर कलेक्ट्रेट में टाइपिंग परीक्षा में लगातार दो बार फेल होने पर तीन जूनियर क्लर्क का डिमोशन कर चपरासी बना दिया गया है. नियम के मुताबिक एक मिनट में 25 शब्द टाइप करना अनिवार्य था, लेकिन तीनों कर्मचारी यह मानक पूरा नहीं कर सके. दो बार हुई परीक्षा में पहली बार फेल होने पर इनकी सैलरी रोकी गई थी जबकि दूसरी बार भी फेल होने पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए डिमोशन का आदेश जारी कर दिया.

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