सकल जैन समाज नैला जांजगीर द्वारा 25 मई को जिला मुख्यालय में किया जाएगा मौन प्रदर्शन एवं आक्रोश रैली का आयोजन. मामला जैन समाज के संतों पर हो रहे सुनियोजित हमले का. समाज के अध्यक्ष सुशील जैन ने दी जानकारी. संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागु करने की मांग करेगा सकल जैन समाज

सकल जैन समाज नैला जांजगीर द्वारा 25 मई को जिला मुख्यालय में किया जाएगा मौन प्रदर्शन एवं आक्रोश रैली का आयोजन. मामला जैन समाज के संतों पर हो रहे सुनियोजित हमले का. समाज के अध्यक्ष सुशील जैन ने दी जानकारी. संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागु करने की मांग करेगा सकल जैन समाज kshititech

सकल जैन समाज नैला जांजगीर द्वारा 25 मई को जिला मुख्यालय में किया जाएगा मौन प्रदर्शन एवं आक्रोश रैली का आयोजन. मामला जैन समाज के संतों पर हो रहे सुनियोजित हमले का. समाज के अध्यक्ष सुशील जैन ने दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -सकल जैन समाज नैला जांजगीर द्वारा 25 मई 2026 दिन- सोमवार को जिला मुख्यालय जांजगीर में जैन समाज के संतों पर हो रहे सुनियोजित हमलो के विरोध में मौन प्रदर्शन एवं आक्रोश रैली का आयोजन किया गया है। उपरोक्त जानकारी देते हुए सकल जैन समाज के प्रमुख सुशील जैन ने बताया कि भारत की सरकार से संतों के विहार के दौरान सुरक्षा की मांग हेतु शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं मौन रैली का आयोजन किया गया है। तथा जैन मंदिर नैला जांजगीर में 25 मई को सुबह 8:00 बजे अभिषेक। शांति धारा एवं पूजन संपन्न होने के पश्चात महिला एवं पुरुष नवयुवक मंडल के सभी सदस्यों के द्वारा मौन जुलूस एवं आक्रोश रैली जैन मंदिर नैला से प्रारंभ होकर रेलवे स्टेशन चौक होते हुए पंजाब नेशनल बैंक तक जाएगी। वहां से वापस आकर जैन मंदिर। अहिंसा चौक के पास प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। सुशील जैन ने बताया कि सभी सदस्य सफेद वस्त्र एवं महिलाएं आक्रोश रैली के हिसाब से वस्त्र पहनकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा समय को देखते हुए सुबह 8:00 बजे मौन जुलूस में आवश्यक रूप से सभी जरुर पहुंचे एवं उपरोक्त कार्यक्रम को लेकर जांजगीर चांपा जिले के पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी जा चुकी है एवं पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार प्रशासनिक अधिकारी जैन मंदिर चौक पर ही उपस्थित होकर समाज के लोगों से उपरोक्त ज्ञापन को प्राप्त करेंगे

दिगंबर जैन समाज नेली जांजगीर की भारत के गृहमंत्री से मांग

श्री दिगम्बर जैन समाज मेन रोड, नैला-जांजगीर, पिन- 495668, जिला जांजगीर-चाम्पा (छ.ग.) के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन।सचिव अमित जैन।कोषाध्यक्ष रवि जैन मैं भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि विहार रत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति एवं आर्यिका माताजी की दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की माँग हैपदाधिकारियो ने बताया है किहम समस्त जैन समाज अत्यन्त दुःख एवं गहरी वेदना के साथ आपका ध्यान हाल ही में विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी के साथ हुई अत्यन्त दुखद घटना की ओर आकर्षित करना चाहते हैं, जिसमें संघ की पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हो गया।यह घटना केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना प्रतीत नहीं होती। उपलब्ध तथ्यों, वीडियो क्लिपों एवं परिस्थितियों के आधार पर समाज में गहरी आशंका एवं चिंता का वातावरण निर्मित हुआ हैं। अतः इस सम्पूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जाँच अत्यन्त आवश्यक हैं।जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति, संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ऐसे संतों के साथ निरंतर बढ़ती दुर्घटनाएँ एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए अत्यन्त चिंताजनक विषय हैं

01 घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की जाए.इस प्रकरण की SIT अथवा न्यायिक जाँच कराई जाए।घटना से संबंधित सभी CCTV फुटेज, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएँ।दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए।यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य प्राप्त हों, तो तदानुसार कठोर धाराएँ लगाई जाएँ।

02 “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” तत्काल लागू किया जाए.विहार मांगों पर प्रशासनिक समन्वय,संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग,ट्रेफिक नियंत्रण,चेतावनी संकेतक,हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

03 “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाई जाए.भारत सरकार द्वारा –
पैदल विहार करने वाले संतों हेतु राष्ट्रीय गाईड लाईन,सुरक्षा SOP,
संवेदनशील मांगों हेतु विशेष प्रावधान निर्मित किए जाएँ।

04 संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए क्योंकि साधु-संत आत्मरक्षा नहीं करते,वाहन अथवा सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते,तथा पूर्णतः अहिंसक जीवन व्यतीत करते हैं।

05 प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित किया जाए।स्थानीय स्तर पर -“Sant Security Coordination Cell””तथा आपातकालीन संपर्क व्यवस्था निर्मित की जाए।जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा, कानून एवं संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता हैं। हमारा उद्देस्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना एवं तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हैं। हमें पूर्ण विश्वास हैं कि प्रशासन इस अत्यन्त संवेदनशील विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाएगा।जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन दोनों का नैतिक दायित्व हैं।

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