केंद्रीय बैंक ने अपने 129 टन पुराने सोने के बिस्कुटों को बेचा

केंद्रीय बैंक ने अपने 129 टन पुराने सोने के बिस्कुटों को बेचा kshititech

केंद्रीय बैंक ने अपने 129 टन सोने के बिस्कुटों को बेचा

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार को देश में वापस लाने के लंबे समय से चल रहे प्रयास को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और इस प्रक्रिया को एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धि में बदल दिया है।बैंक ने पारंपरिक तरीके से सोना अमेरिका से लाने के बजाय एक रणनीतिक और आधुनिक दृष्टिकोण अपनाया, जिससे उसे समय, लागत और जोखिम तीनों में लाभ मिला है।एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच बैंक डी फ्रांस ने न्यूयार्क में रखे 129 टन पुराने और गैर-मानक सोने के बिस्कुट को बेच दिया। यह बिक्री ऐसे समय में की गई जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें रिकार्ड स्तर पर थीं।इस कदम से प्राप्त धनराशि का उपयोग बैंक ने यूरोपीय बाजार से उच्च गुणवत्ता वाले, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सोना खरीदने में किया, जिसे पेरिस में सुरक्षित रखा गया है।इस रणनीति ने बैंक को महाद्वीपों के बीच सोने के परिवहन और शोधन की जटिलताओं से बचाया। साथ ही, इससे यह सुनिश्चित हुआ कि फ्रांस का स्वर्ण भंडार आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप हो।यह पहल 2005 से चल रहे व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा रही है। इन लेन-देन से बैंक को कुल 12.8 बिलियन यूरो का राजस्व प्राप्त हुआ, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।वर्ष 2025 में बैंक ने 8.1 बिलियन यूरो का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के 7.7 बिलियन यूरो के नुकसान से बड़ा बदलाव है। अब फ्रांस का पूरा स्वर्ण भंडार लगभग 2,437 टन पेरिस में ही सुरक्षित है।इस कदम का प्रभाव अन्य देशों में भी देखने को मिल रहा है। जर्मनी में कुछ विशेषज्ञ अपने विदेशी भंडार को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, भारत भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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