बड़ी खबर-भरोसेमंद नहीं चीनी सामान! भारत में नहीं बिकेंगे चीन के CCTV कैमरे. भारत सरकार ने कैमरो को सर्टिफिकेट देने से किया माना



बड़ी खबर-भरोसेमंद नहीं चीनी सामान! भारत में नहीं बिकेंगे चीन के CCTV कैमरे
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -विद्वानों ने कहा है कि जो व्यक्ति खतरे को पहले पहचान लेता है, वही सुरक्षित रहता है. लेकिन आतंकियों का सरगना अपना खतरा नहीं पहचान पाया. ISI और बंदूकधारियों की सुरक्षा भी काम नहीं आई और अज्ञात हमलावर ने आतंकी मसूद के भाई को मार दिया. ऐसे ही अज्ञात खतरों से सावधान रहने के लिए लोग सीसीटीवी लगाते हैं. सड़क पर, सार्वजनिक जगहों पर, दफ्तर में, यहां तक की घर में भी अब लोग सीसीटीवी लगवाने लगे हैं. पिछले 10 सालों में सीसीटीवी का बाजार 22 प्रतिशत तक बढ़ गया है. इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी चीन की है और आपके लिए ये जानना जरूरी है कि कल से देश में चीन के CCTV नहीं बिकेंगे. सरकार ने चाइनीज सीसीटीवी पर सेंसर लगा दिया है, क्योंकि जो सीसीटीवी सुरक्षा के लिए लगाया जा रहा है वो जासूस भी हो सकता है. इसलिए सरकार ने ऐसे चाइनीज सीसीटीवी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है जो संदेह के घेरे में है.
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.इन ब्राड्स के सीसीटीवी कैमरे नहीं बिकेंगे
इस फैसले से भारत में हिकविजन, दहुआ और टीपी-लिंक जैसे चाइनीज ब्रांड के सीसीटीवी नहीं बिकेंगे. अब केवल वही सीसीटीवी कैमरे बिक सकेंगे जिन्हें भारत सरकार की स्टैंडराइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन लैब से सुरक्षा प्रमाण पत्र मिला हो.
सरकार ने उन कैमरों को भी सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है जिनमें चीनी मूल के चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है.कैमरों की कड़ी जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें कोई ‘बैकडोर एंट्री’ या हिडन रिमोट एक्सेस तो नहीं है, जिससे कोई बाहर से कैमरा हैक कर सके.


