3 किलोमीटर जर्जर सड़क के चलते 23 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है ग्रामीणों को, पासीद से किरारी,बासीन तक सड़क निर्माण की मांग करी ग्रामीणों ने, जर्जर सड़क के चलते बरसात में गांव का टूट जाता है संपर्क

<em>3 किलोमीटर जर्जर सड़क के चलते 23 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है ग्रामीणों को, पासीद से किरारी,बासीन तक सड़क निर्माण की मांग करी ग्रामीणों ने, जर्जर सड़क के चलते बरसात में गांव का टूट जाता है संपर्क</em> kshititech
सड़क निर्माण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम पंचायत पासीद के ग्रामीण
<em>3 किलोमीटर जर्जर सड़क के चलते 23 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है ग्रामीणों को, पासीद से किरारी,बासीन तक सड़क निर्माण की मांग करी ग्रामीणों ने, जर्जर सड़क के चलते बरसात में गांव का टूट जाता है संपर्क</em> kshititech
शक्ति विकासखंड के ग्राम पंचायत पासिद से किरारी,बासीन जाने वाला जर्जर रास्ता

3 किलोमीटर जर्जर सड़क के चलते 23 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है ग्रामीणों को, पासीद से किरारी,बासीन तक सड़क निर्माण की मांग करी ग्रामीणों ने, जर्जर सड़क के चलते बरसात में गांव का टूट जाता है संपर्क

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सकती- नवगठित शक्ति जिले के शक्ति विकासखंड के ग्राम पंचायत पासीद से किरारी होते हुए बासिन तक की 3 किलोमीटर जर्जर सड़क के चलते ग्रामीणों को लगभग 23 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है, तथा उपरोक्त सड़क निर्माण की मांग वर्षों से क्षेत्रवासी कर रहे हैं किंतु दुर्भाग्य है कि आज तक उपरोक्त सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका, तथा आज जर्जर सड़क के चलते ग्राम पंचायत बासिन के बच्चे जो की हाईस्कूल की शिक्षा के लिए किरारी, खैरा, एवं नंदौर कला जाते हैं उन्हें बारिश के मौसम में उपरोक्त सड़क मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, तथा ऐसे कीचड़ एवं जर्जर सड़क पर चलकर जब वे स्कूल पहुंचते हैं तो यह अंदाज लगाया जा सकता है कि आज विद्यार्थियों की क्या स्थिति होगी

वही क्षेत्र के किसानों को भी खाद- बीज के लिए खैरा जाने की आवश्यकता पड़ती है, किंतु खैरा जाने के लिए यह 3 किलोमीटर का जर्जर रास्ता उनके लिए पहाड़ पार करने से भी कम नहीं है, एवं बारिश के समय तो यह रोड पूर्ण रुप से बंद हो जाती है, जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है,इन सभी बातों को देखते हुए ग्रामीणों ने शक्ति कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा है जिसमें प्रमुख रुप से जीवेंद्र राठौर, गजेंद्र मोनू राठौर, लोचन राठौर, मुकेश राठौर,लोकेश सिंह, दिनेश विकेश, तेज सिंह, अमरनाथ, ओमप्रकाश केंवट, चेतन, संतोष,रमाकांत, शैलेंद्र राठौर, विकास सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, तथा इस संबंध में गजेंद्र मोनू राठौर ने बताया कि उपरोक्त सड़क निर्माण के लिए वर्षों से ग्रामीण मांग कर रहे हैं किंतु आज तक इस सड़क का न बन पाना क्षेत्र में विकास के नाम पर एक बड़ा तमाचा है

वहीं दूसरी ओर उपरोक्त सड़क निर्माण के संबंध में तकनीकी जानकारों का कहना है कि उपरोक्त सड़क निर्माण में बीच में किसी निजी व्यक्ति की भूमि होने के कारण आज पर्यंत तक उसका कोई समाधान नहीं निकल पाया, किंतु यदि किसी निजी व्यक्ति की भूमि जनहित के कार्यों में आड़े आती है, तो जिला प्रशासन को इस संबंध में बैठकर तत्काल इसका निराकरण करना चाहिए

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