झंझटों से मिल गई मुक्ति- जमीन रजिस्ट्री होते ही तुरंत आपके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी जमीन, छत्तीसगढ़ बनने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ऐतिहासिक पहल, बिना झंझटों के जमीनों की खरीदी बिक्री के बाद होगी ऑटोमेटिक नाम चढ़ने की प्रक्रिया, नहीं लगाने पड़ेंगे अब पटवारियो के चक्कर, शक्ति जिले में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने कलेक्टर टोपनो साहब एवं जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कार्यशाला में दी जानकारी

झंझटों से मिल गई मुक्ति- जमीन रजिस्ट्री होते ही तुरंत आपके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी जमीन, छत्तीसगढ़ बनने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ऐतिहासिक पहल, बिना झंझटों के जमीनों की खरीदी बिक्री के बाद होगी ऑटोमेटिक नाम चढ़ने की प्रक्रिया, नहीं लगाने पड़ेंगे अब पटवारियो के चक्कर, शक्ति जिले में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने कलेक्टर टोपनो साहब एवं जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कार्यशाला में दी जानकारी kshititech
शक्ति जिला कलेक्टर कार्यालय में रजिस्ट्री क्रांति को लेकर आयोजित कार्यशाला

जमीन रजिस्ट्री होते ही तुरंत आपके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी जमीन, छत्तीसगढ़ बनने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ऐतिहासिक पहल, बिना झंझटों के जमीनों की खरीदी बिक्री के बाद होगी ऑटोमेटिक नाम चढ़ने की प्रक्रिया, नहीं लगाने पड़ेंगे अब पटवारियो के चक्कर, शक्ति जिले में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कार्यशाला में दी जानकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार प्रदेश में वर्तमान भाजपा की विष्णु देव वाली सुशासन सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे ओपी चौधरी ने जमीन खरीदी बिक्री करने वाले लोगों के लिए एक ऐसा काम कर दिया, कि अब लोगों को दिक्कतों का सामना ही नहीं करना पड़ेगा, पहले जमीनों की रजिस्ट्री होने के बाद उसे नामांतरण करवाने एवं अपने नाम में चढ़वाने के लिए महीनो लग जाते थे,तथा क्रेता-विक्रेता को पटवारी एवं राजस्व दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते उनकी चप्पल घिसजाती थी, किंतु प्रदेश के ऊर्जावान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इन सभी समस्याओं को देखते हुए एक ऐसा रास्ता निकाल लिया है, जिसकी देश के सभी राज्यों में प्रशंसा हो रही है, तथा अब प्रदेश में बनाए गए इस नए सिस्टम को लेकर राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को इससे अवगत कराया जा रहा है, एवं प्रत्येक स्थान पर कार्यशाला का आयोजन हो रहा है

*सक्ती के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रजिस्ट्री की दस नई क्रांतियों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्तागण, मीडिया प्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इस अवसर पर कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि रजिस्ट्री की 10 क्रातियों से सम्पूर्ण प्रक्रिया में सरल व सुगमता आयेगी।रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस एवं कैशलेस बनाते हुए 10 नवाचारों को लागू किया गया है, जिससे आमजन को समय की बचत होगी। आपसी समन्वय के साथ इन नवाचारों को प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। ये नई डिजिटल और सरल प्रक्रियाएं नागरिकों को अधिक सुविधा, पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा प्रदान करेंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि इन तकनीकी उपायों से फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लग जिससे पारदर्शी ढंग से रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होगा,जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि रजिस्ट्री में की गई 10 नई क्रांति बहुत अच्छी पहल है। यह एक अच्छा कदम है इसे जिला प्रशासन अच्छे से क्रियान्वयन भी करेगा और आम नागरिकों के साथ जागरूकता के माध्यम से साझा भी किया जाएगा सरलीकरण एवं सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। उन्होंने इस नई क्रांति के लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, जनपद पंचायत अध्यक्ष डभरा श्रीमति अरुणा महेन्द्र सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष जैजैपुर श्रीमति पुष्पा परदेशी खूंटे, अपर कलेक्टर श्री विरेंद लकड़ा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सर्व एसडीएम, तहसीलदार सहित अधिकारी-कर्मचारी व मीडिया प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

मास्टर ट्रेनर्स ने वर्कशॉप में विस्तार से दी जानकारी

पंजीयन विभाग द्वारा किए गए 10 नए सुधारों को लेकर के मास्टर ट्रेनर श्री सत्य प्रकाश गौरहा एवं श्री पवन मरावी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों व मीडिया प्रतिनिधियों को प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी तथा उनके शंकाओं का समाधान भी किया।

ये है रजिस्ट्री की 10 क्रांतिकारी पहल: -फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन

पंजीयन साफ्टवेयर को आधार लिंक किया गया है, पंजीयन के समय क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की पहचान आधार रिकार्ड व बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी जिससे गलत व्यक्ति को खड़े कराकर पंजीयन नही हो सकेगा। आम जनता को फर्जीवाड़े का शिकार नही होना पड़ेगा और फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड की सुविधा

आम आदमी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर स्वयं का घर खरीदते है, इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल आवश्यक है। अभी रजिस्ट्री की जानकारी के लिए पंजीयन कार्यालय में स्वयं या वकील के माध्यम से उपस्थित होकर सर्च करना पड़ता है, रजिस्ट्री खोज का प्रावधान होने से खसरा नंबर डालते ही उस खसरे के पूर्व के समस्त लेनदेन की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त हो सकेगी। खसरा नंबर दर्ज कर संपत्ति की पूर्व रजिस्ट्री की जानकारी देखी जा सकती है और रजिस्ट्री दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं। इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाएगी।

ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा

भार मुक्त प्रमाण पत्र एक बहुत ही आवश्यक प्रमाणपत्र है जो संपत्ति खरीदने के पूर्व उसकी जानकारी उपलब्ध कराता है। संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र के माध्यम से आसानी से ज्ञात की जा सकती है। कई शासकीय कार्यों एवं बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। यह प्रमाणपत्र अब आनलाइन ही प्रदाय किया जा सकेगा।

स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान

पहले रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का अलग-अलग जगह और समय पर भुगतान करना पड़ता था। अब स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क को एक साथ लिये जाने के लिए स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेस भुगतान सिस्टम तैयार किया गया है। स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का एक साथ सुविधानुसार क्रेडिट डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, नेट बैंकिंग अथवा यूपीआई से फीस का भुगतान हो सकेगा।

व्हाट्सएप सर्विसेज

व्हाट्सएप आज के समय में सर्वाधिक उपयोग हो रहा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। पंजीयन कराने वाले क्रेता-विक्रेता को अपाईन्टमेंट सहित पंजीयन होने तक सभी प्रकार के अपडेट एवं एलर्ट व्हाट्सएप में ही प्राप्त होंगे। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से ही डाउनलोड हो जायेगी। इस सुविधा के माध्यम से फीडबैक एवं शिकायतें भी व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकेंगी।

डिजीलॉकर की सुविधा

रजिस्ट्री दस्तावेजों को डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पडऩे पर पक्षकार को आसानी से डिजीटल प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो जाए।

रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण

जनता की सुविधा के लिए रजिस्ट्री को पेपर लेस बनाया गया है। ऑनलाईन दस्तावेज प्रारूप का चयन कर पक्षकार और संपत्ति विवरण दर्ज करने पर स्वतः ही दस्तावेज तैयार हो जाएगा। वही दस्तावेज पेपरलेस होकर उप पंजीयक को ऑनलाइन प्रस्तुत होगा।

घर बैठे स्टाम्प सहित दस्तावेज निर्माण

डिजीडॉक सेवा के माध्यम से किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किए जा सकते हैं।

घर बैठे रजिस्ट्री

दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है। अभी यह सेवा 10 प्रकार के दस्तावेजों जैसे-रेंट एग्रीमेंट, मोर्गेज डीड आदि में शुरू की गई है।

रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः नामांतरण

रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में स्वतः दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे नागरिकों के समय, प्रयास और खर्च तीनों की बचत होगी। अब तक अचल संपत्ति खरीदने के लिए पंजीयन कराने के बाद उसके बाद उसे राजस्व रिकार्ड में अद्यतन कराना पड़ता रहा हैं, नामांतरण की इस प्रक्रिया में महीने लग जाते थे, इस बीच वही संपत्ति अन्य को बेच दिये जाने पर पीड़ित पक्षकारों को न्याय के लिए भटकना पड़ता था। अब पंजीयन के तुरंत बाद ही स्वतः नामांतरण होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि आम जनता को फर्जीवाडे का शिकार भी नही होना पड़ेगा।

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