भारत में बच्चे पैदा करने से क्यों कतरा रहे लोग? एलन मस्क बोले- खतरे की घंटी बज गई. प्रजनन दर कम होने से भविष्य में कामकाजी आबादी घटने का बड़ा खतरा

भारत में बच्चे पैदा करने से क्यों कतरा रहे लोग? एलन मस्क बोले- खतरे की घंटी बज गई. प्रजनन दर कम होने से भविष्य में कामकाजी आबादी घटने का बड़ा खतरा kshititech
एलन मस्क

भारत में बच्चे पैदा करने से क्यों कतरा रहे लोग? एलन मस्क बोले- खतरे की घंटी बज गई

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति एलेन मस्क का कहना है कि भारत की जन्म दर अब उस स्तर से भी नीचे पहुंच गई है, जिसे किसी देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है. मस्क की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हालिया अनुमानों में भारत की कुल प्रजनन दर यानी टोटल फर्टिलिटी रेट 1.9 बताई गई है. आमतौर पर 2.1 बच्चों प्रति महिला का स्तर रिप्लेसमेंट लेवल माना जाता है. यानी इतनी जन्म दर होने पर एक पीढ़ी की आबादी अगली पीढ़ी में लगभग बराबर बनी रहती है.दिल्ली की प्रजनन दर घटकर 1.2 पर पहुंच गई है. यह स्तर कई विकसित देशों से भी कम बताया जा रहा है, जो पहले से घटती आबादी की चुनौती झेल रहे हैं. जब किसी देश में जन्म दर लगातार कम होती है तो भविष्य में कामकाजी आबादी कम होने लगती है. इससे अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं. भारत ने 2023 में चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनने का दर्जा हासिल किया था. फिलहाल देश की आबादी 1.46 अरब से ज्यादा है.

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading