बढ़ रहा कैंसर का खतरा,एनजीटी जाएंगे कन्हैया, छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक्री जन स्वास्थ्य के साथ आपराधिक खिलवाड़-कन्हैया अग्रवाल, कन्हैया ने मोदी सरकार के बजट को बताया मध्यम वर्ग के लिए छलावा

बढ़ रहा कैंसर का खतरा,एनजीटी जाएंगे कन्हैया, छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक्री जन स्वास्थ्य के साथ आपराधिक खिलवाड़-कन्हैया अग्रवाल, कन्हैया ने मोदी सरकार के बजट को बताया मध्यम वर्ग के लिए छलावा kshititech
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल रायपुर

छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक की बोतलों में शराब बिक्री जन स्वास्थ्य के साथ आपराधिक खिलवाड़-कन्हैया अग्रवाल, कन्हैया ने मोदी सरकार के बजट को बताया मध्यम वर्ग के लिए छलावा

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आज संसद में पेश किए गए आम बजट 2026-27 को पूरी तरह से निराशाजनक और जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवारों की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है, बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए इसमें किसी ठोस योजना का कोई उल्लेख तक नहीं है।​प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कन्हैया अग्रवाल ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब या अन्य रियायतों के मामले में कोई वास्तविक राहत नहीं दी गई है। वेतनभोगी वर्ग आज भी भारी भरकम टैक्स और घटती बचत से जूझ रहा है।​महंगाई पर चुप्पी: पूरे बजट भाषण में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए किसी प्रभावी कदम का जिक्र नहीं किया गया। खाद्य वस्तुओं और आवश्यक सेवाओं की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार ने इस ओर आंखें मूंद ली हैं।​शेयर बाजार की निराशा: शेयर बाजार की आज की प्रतिक्रिया यह बताने के लिए पर्याप्त है कि निवेशकों और आर्थिक विशेषज्ञों को इस बजट से जो उम्मीदें थीं, वे धराशायी हो गई हैं। एसटीटी (STT) में बढ़ोतरी और कैपिटल गेन्स टैक्स संबंधी अनिश्चितताओं ने निवेशकों के विश्वास को हिला दिया है।​विकास का खोखला दावा: कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि सरकार केवल ‘विकसित भारत’ के नाम पर आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि धरातल पर बेरोजगारी और आर्थिक असमानता चरम पर है।​उन्होंने आगे कहा, “यह बजट ‘अमीर समर्थक और गरीब विरोधी’ है। छत्तीसगढ़ की जनता और देश का मध्यम वर्ग इस दिशाहीन बजट के लिए केंद्र सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।
​कन्हैया अग्रवाल ने कहा, भाजपा सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके लिए छत्तीसगढ़ केवल संसाधनों के दोहन का केंद्र है, विकास का नहीं। इस बजट में राज्य की जनता की उम्मीदों को दरकिनार किया गया है, जिसका जवाब प्रदेश की जनता समय आने पर देगी ।

प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री से कैंसर का खतरा – कन्हैया,पर्यावरण और जन स्वास्थ्य की रक्षा हेतु एनजीटी जाएंगे : कन्हैया सॉफ्ट ड्रिंक की प्लास्टिक बोतलों पर भी लगाई जाए रोक – कन्हैया

सक्ती-छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचने के निर्णय पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “जनस्वास्थ्य के साथ आपराधिक खिलवाड़” बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल पर्यावरण को तबाह करेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को गंभीर बीमारियों की ओर धकेलेगा।स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर जोर देते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि वैज्ञानिक शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि प्लास्टिक (PET) बोतलों में जब शराब जैसा मादक पदार्थ लंबे समय तक रहता है, तो प्लास्टिक के सूक्ष्म कण और हानिकारक रसायन (जैसे थैलेट्स और बिस्फेनॉल-ए) शराब में घुलने लगते हैं। यह रासायनिक मिश्रण लिवर को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ कैंसर और बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। सरकार राजस्व की बचत के लिए प्रदेशवासियों के जीवन को खतरे में डाल रही है।श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि करोड़ों की संख्या में एकत्रित होने वाली प्लास्टिक की बोतलों का निष्पादन असंभव है । उन्होंने मांग की कि सरकार शराब के साथ-साथ सॉफ्ट ड्रिंक (पेप्सी, कोका-कोला आदि) की प्लास्टिक बोतलों पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाए ।उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी और स्वास्थ्य-विरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया, तो इसके खिलाफ पर्यावरण विभाग और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी और जनता के साथ मिलकर सड़क पर आंदोलन किया जाएगा, उन्होंने कहा कि (केमिकल लिंचिंग) प्लास्टिक से शराब में रसायनों के मिलने का जिक्र बीमारियों का नाम: कैंसर, लिवर डैमेज और हार्मोनल बदलाव (बांझपन) जैसे गंभीर खतरों का स्पष्ट उल्लेख है । उन्होंने शराब के साथ सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों पर प्लास्टिक बोतलों पर रोक लगाने आवश्यक कार्रवाई की मांग।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि इससे पूर्व महाराष्ट्र में शराब की प्लास्टिक बोतलों की प्रचलन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है । देश विदेश में प्लास्टिक बोतलों के संबंध में लिए गए आवश्यक निर्णय के संबंध में कुछ उदाहरण निम्नानुसार है,महाराष्ट्र पूर्ण प्रतिबंध (2016) बॉम्बे हाई कोर्ट में स्वास्थ्य और पर्यावरण के खतरों को देखते हुए PET बोतलों में शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई।फ्रांस प्रतिबंध (2022 से लागू) प्लास्टिक कचरे को कम करने हेतु फलों, सब्जियों और कई पेय पदार्थों की प्लास्टिक पैकेजिंग पर पूर्ण रोक।कनाडा चरणबद्ध प्रतिबंध (2022) ‘Single-Use Plastic’ के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध, जिसका उद्देश्य 2030 तक शून्य कचरा लक्ष्य प्राप्त करना है।NGT (भारत) सख्त निर्देश (OA 15/2014) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शराब और सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों से होने वाली ‘लीचिंग’ की जांच के आदेश दिए हैं।FSSAI पैकेजिंग मानक खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत शराब और अम्लीय पेय (सॉफ्ट ड्रिंक) के लिए प्लास्टिक के सुरक्षित उपयोग पर बार-बार सवाल उठाए गए हैं।केन्या सख्त कानून(2017/2020) दुनिया का सबसे सख्त प्लास्टिक कानून, बोतलों के उपयोग पर भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान,प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक की बोतलों में शराब विक्रय का निर्णय तत्काल वापस लेने के साथ ही सॉफ्ट ड्रिंक (पेप्सी कोका-कोला) आदि की प्लास्टिक बोतलों को भी बंद करने की दिशा में कड़े कदम उठाए जाएं

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