मिलावटी धातुओं से बनी पूजा की घंटियां बाजारों में बिक रही पीतल की धातु के नाम पर. समय से पहले ही घंटियों के टूटने से ग्राहकों की शिकायतों पर दुकानदार भी हो रहे परेशान. घंटियों का निर्माण करने वाली फैक्ट्रीयों पर हो कार्रवाई





मिलावटी धातुओं से बनी पूजा की घंटियां बाजारों में बिक रही पीतल की धातु के नाम पर
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -बाजार में मिलावटी धातु (पीतल या तांबे में अन्य सस्ती धातुओं की मिलावट) से बनी पूजा की घंटियां बेची जा रही हैं, जो शुद्ध पीतल या अष्टधातु कहकर बेची जाती हैं। वही इस संबंध में दुकानदारों का कहना है की पूजा की घंटियां जहां से बनती है वहीं से इसी प्रकार से आ रही है। तथा वे स्वयं परेशान हैं। वहीं ग्राहकों का कहना है की पूजा की इन घंटियों को पूरे दाम देकर वे ले जाते हैं। किंतु ये घंटियां समय से पहले ही अपने आप टूट जाती हैं। जो कि कहीं ना कहीं मिलावटी धातु होने का परिणाम है। वही धातुओं के जानकारों का मानना है कि शुद्ध पीतल या कांसे की घंटी बजाने पर लंबे समय तक गूंजने वाली और सुरीली आवाज़ आती है, जबकि मिलावटी घंटी की आवाज़ भारी और जल्दी बंद होने वाली होती है।तथा शुद्ध धातु भारी और प्राकृतिक रूप से चमकदार होती है; मिलावटी धातु हल्की और कृत्रिम रूप से पॉलिश की हुई दिखती है।एवं हल्की खरोंच से मिलावटी धातु का अंदरूनी रंग अलग (सफेद या काला) दिखाई दे सकता है।
पूजा की घंटियों का क्या है महत्व
मंदिरो एवं घरों में पूजा स्थल की पीतल की घंटी पूजा-पाठ में विशेष महत्व रखती है। क्योंकि इसकी शुद्ध और लंबी गूंजायमान ध्वनि मन को शांत करती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।यह तांबे और जस्ते का मिश्र धातु होती है, जो बाजार में ₹100 से लेकर भारी वजन के अनुसार ₹5,000 या अधिक कीमत में उपलब्ध होती है।
पीतल की घंटी के प्रकार
गरुड़ घंटी: छोटी हाथ से बजाने वाली घंटी जिसके ऊपरी हिस्से पर गरुड़ की आकृति होती है।
हाथ घंटी (आरती घंटी) सामान्य आकार की घंटी जो दैनिक पूजा और आरती के समय उपयोग की जाती है।
लटकने वाला बड़ा घंटाः मंदिर के प्रवेश द्वार या बड़े पूजा स्थल पर टांगा जाने वाला भारी घंटा।
विशेषताएं और लाभ
शुद्ध ध्वनिः पीतल की धातु से उत्पन्न होने वाली ध्वनि कंपन पैदा करती है जो ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है।
स्थायित्वः यह धातु मजबूत और जंग-प्रतिरोधी होती है, जिससे घंटी सालों-साल चलती है।
आकार और वजन: यह घरों के लिए 100 ग्राम से लेकर बड़े मंदिरों के लिए 50 किलो से अधिक वजन में मिलती है।







