सकरेली कलां में मानस की रही धूम,9 दिन के बाद हुआ अखंड नवधा रामायण का समापन,सर्वश्रेष्ठ गायन वादन करने वाले मानस मंडलियो को किया गया पुरस्कृत, रायगढ़ की संतोष मानस मंडली रही प्रथम विजेता, अपनी भव्यता के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है सकरेली की अखंड नवधा रामायण





सकरेली कलां में मानस की रही धूम,9 दिन के बाद हुआ अखंड नवधा रामायण का समापन,सर्वश्रेष्ठ गायन वादन करने वाले मानस मंडलियो को किया गया पुरस्कृत, रायगढ़ की संतोष मानस मंडली रही प्रथम विजेता
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति-निकटस्थ ग्राम सकरेली कलां में विगत 18 वर्षों से अखंड नवधा रामायण का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन 29 मार्च से 7 अप्रैल तक आयोजित किया गया। सकरेली कलां में अखंड नवधा रामायण काफी धूमधाम से आकर्षक एवं भव्य पंडाल में की जाती है, जिसमें रायगढ़, जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर बलौदा बाजार जिले से मानस मंडलियां शामिल होकर गायन, वादन एवं कथा वाचन करती है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी समापन दिवस को मानस गान प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सर्वश्रेष्ठ गायन करने वाले 13 मानस मंडलियां को आमंत्रित किया गया था। इन मानस मंडलियां के द्वारा विभिन्न विधाओं पर श्रीराम आधारित मानस भजन किया गया. रात भर विशाल जनसमूह मानस गान पर झूमते रहे
मानस गान का प्रथम विजेता संतोष मानस मंडली भैनापारा जिला रायगढ़ रहा, इन्हें 11000 रुपए नकद एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार द्वितीय स्थान पर ममता मंहत मानस मंडली कोरबा रही, इनकी मानस धुन को उपस्थित जनसमूह के द्वारा काफी सराहा गया। तृतीय स्थान कोटेश्वर साहू सोनादुला जिला सक्ती को प्राप्त हुआ। इसके अलावा सभी मानस मंडलियां को पुरस्कृत कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता के लिए ग्राम के सभी रामभक्त लगे रहे. काफी उल्लास एवं आस्थामय वातावरण में अखंड नवधा रामायण का समापन किया गया







