दर्जनों पीड़ित लोगों ने की बिल्डर की पुलिस कमिश्नर से शिकायत- करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगा बिल्डर पर. रकम लेकर भी मकानो को नहीं किया गया पूरा. बिल्डर का दफ्तर भी हुआ बंद. शिकायत कर्ताओं का आरोप.बिल्डर अपने राजनैतिक प्रभाव का धौंस दिखाकर करता रहा गुमराह


दर्जनों पीड़ित लोगों ने की बिल्डर की पुलिस कमिश्नर से शिकायत- करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगा बिल्डर पर. रकम लेकर भी मकानो को नहीं किया गया पूरा. बिल्डर का दफ्तर भी हुआ बंद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -रायपुर में बिल्डर मोहित सोलंकी के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आपको बता दें कि एक भवन निर्माण कंपनी और उसके प्रोपराइटर पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर विजियासन देवी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मोहित सोलंकी के खिलाफ शहर के कई लोगों ने पुलिस आयुक्त संजीव शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत में पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के साथ करीब दो दर्जन से अधिक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और विभिन्न विभागों में कार्यरत लोग शामिल रहे। इनमें विमल शर्मा, तिलक राम पटेल, सुरेश कुमार बिसेन, अंकित गुप्ता, हेमंत पुजारा, राजेश पांडे सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके प्लॉट पर मकान निर्माण का ठेका लेकर करोड़ों रुपये की राशि ले ली, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। पीड़ितों के अनुसार, किसी से 92 लाख, किसी से 39 लाख, 28 लाख, 61 लाख, 24 लाख, 22 लाख, 24 लाख 50 हजार और 36 लाख 14 हजार रुपये तक की राशि ली गई। कई मामलों में केवल 40 से 60 प्रतिशत निर्माण कर कार्य रोक दिया गया। इसके बाद न तो मकान पूरा किया गया और न ही पैसा वापस किया गया। आरोप है कि मोहित सोलंकी ने अलग-अलग नामों से कंपनियां बनाकर करीब 50 से अधिक लोगों के साथ इसी तरह का एग्रीमेंट किया। पीड़ितों का कहना है कि मैग्नेटो मॉल स्थित ऑफिस को बंद कर दिया गया है और संपर्क भी बंद कर दिया गया है। कई बार फोन और मुलाकात की कोशिश के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में चेक दिए गए, जो बाद में बाउंस हो गए या बैंक से स्टॉप पेमेंट कर दिया गया। उदाहरण के तौर पर राजेश पांडे को 38 लाख, हेमंत पुजारा को 16 लाख, अंकित गुप्ता को 28 लाख, विमल शर्मा को 15 लाख, सुरेश बिसेन और तिलक राम पटेल को 6-6 लाख रुपये लौटाने का एग्रीमेंट किया गया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने रेरा और उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण आरोपी के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और वह नए लोगों से भी ठेका लेकर धोखाधड़ी कर रहा है। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने मकान के लिए बैंक से लोन लिया था, जिसकी ईएमआई और ब्याज अब भी उन्हें चुकाना पड़ रहा है, जबकि मकान अधूरा है।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने इस मामले पर कहा कि आरोपी कुछ समय पहले होशंगाबाद से रायपुर आया और यहां राजनीतिक पहुंच का दावा कर मध्यम वर्गीय और सीनियर सिटीजन लोगों के साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर और प्रभाव दिखाकर लोगों को गुमराह करता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि शहर में और लोग इस तरह की ठगी का शिकार न बनें। पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी राशि वापस दिलाई जाए। फिलहाल पुलिस आयुक्त को दिए गए ज्ञापन के बाद मामले की जांच की उम्मीद जताई जा रही है। पीड़ितों को अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है



