वेदांत के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ डभरा थाने में हुई एफआईआर पर जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद नवीन जिंदल ने उठाए सवाल. नवीन ने कहा- क्या रेलवे में कोई दुर्घटना होती है तो रेल्वे चेयरमैन का नाम एफआईआर में डाला जाता है। ऐसा नहीं. सोशल मीडिया पर नवीन ने बताया उद्योग जगत के लिए गंभीरता का विषय. नवीन ने कहा- हादसा बाद ही दुखद



वेदांत के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ डभरा थाने में हुई एफआईआर पर जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद नवीन जिंदल ने उठाए सवाल. नवीन ने कहा- क्या रेलवे में कोई दुर्घटना होती है तो रेल्वे चेयरमैन का नाम एफआईआर में डाला जाता है। ऐसा नहीं. सोशल मीडिया पर नवीन ने बताया उद्योग जगत के लिए गंभीरता का विषय
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -देश दुनिया के बड़े औद्योगिक घरानों में शामिल जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के चेयरमैन एवं हरियाणा प्रदेश के कुरुक्षेत्र लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद नवीन जिंदल ने 14 अप्रैल 2026 को शक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर में हुए बॉयलर फटने से हादसे के मामले में डभरा पुलिस थाने में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने उद्योग जगत के लिए इसे बड़ा ही चिंता का विषय बताया है ।नवीन जिंदल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में हुई यह दुखद घटना बेहद दर्दनाक है। 20 परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है।परिवारों के लिए उचित मुआवज़ा, आजीविका सहायता और पूरी तरह से जांच होना बेहद ज़रूरी है। लेकिन किसी भी जांच से पहले एफआईआर में श्री अनिल अग्रवाल जी का नाम शामिल करना गंभीर चिंताएं पैदा करता है। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता पाई है; वह एक साधारण और पिछड़े समुदाय से आते हैं, जिन्होंने बिल्कुल ज़ीरो से शुरुआत करके एक ग्लोबल कंपनी खड़ी की। उस प्लांट के कामकाज में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। जब PSU प्लांट्स या रेलवे में कोई दुर्घटना होती है, तो क्या हम चेयरमैन का नाम FIR में डालते हैं? हम ऐसा नहीं करते। यही नियम प्राइवेट सेक्टर पर भी लागू होना चाहिए। पहले जांच करें। फिर तय करें.उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिल अग्रवाल जैसे वैश्विक स्तर के उद्यमी की पावर प्लांट के दैनिक संचालन (Operations) में कोई सीधी भूमिका नहीं होती। ऐसे में जांच से पहले ही उनका नाम एफआईआर में डालना न्यायसंगत नहीं है।नवीन जिंदल ने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था और विकसित भारत बनाने के लिए अनिल अग्रवाल जैसे निवेशकों की आवश्यकता है। यदि निवेशकों का सिस्टम पर भरोसा डगमगाएगा, तो देश के औद्योगिक विकास पर बुरा असर पड़ेगा।



