बड़ा भावुक नजारा -बच्चों ने करी कलेक्टर से अपील- सर हमारे स्कूल को बचा लीजिए. स्कूल बंद होने से 243 छात्रों का भविष्य खतरे में. शनिवार को बच्चों ने किया प्रदर्शन




बच्चों ने करी कलेक्टर से अपील- सर हमारे स्कूल को बचा लीजिए. स्कूल बंद होने से 243 छात्रों का भविष्य खतरे में
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -डीएम सर, मेरे स्कूल को बचा लीजिए। हम गरीब परिवारों से आते हैं। हमारे स्कूल के बंद होने से सिर्फ मेरी नहीं, 243 बच्चों की पढ़ाई और भविष्य अंधेरे में चला जाएगा। यह भावुक अपील नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा तनिशा ने जिलाधिकारी विशाख जी. को लिखे पत्र में की है।पिछले वर्ष इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित तनिशा ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि पुरस्कार स्वरूप मिले 10 हजार रुपये भी वह स्कूल को बचाने के लिए देने को तैयार है।तनिशा की यह पुकार केवल एक छात्रा की चिंता नहीं, बल्कि उन सैकड़ों बच्चों की आवाज है जिनके सपने आज अनिश्चितता के साए में खड़े हैं। गुरुवार को किराएदारी विवाद के चलते एडीएम महेंद्र पाल के आदेश पर पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय परिसर खाली करा दिया गया था। ग्रीष्मावकाश के दौरान हुई इस कार्रवाई में स्कूल के अभिलेख, फर्नीचर, पंखे, कंप्यूटर और अन्य शैक्षिक सामग्री भी बाहर निकाल दी गई।
शनिवार को स्कूल के बाहर का दृश्य बेहद भावुक था। छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर अपने विद्यालय को बचाने की गुहार लगा रही थीं। कई बच्चों की आंखों में आंसू थे तो अभिभावकों के चेहरों पर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों ने एकजुट होकर विद्यालय को कब्जे से मुक्त कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।विद्यालय की प्रबंधिका संतोष रस्तोगी ने कहा कि वर्ष 1936 से संचालित यह संस्थान हजारों छात्राओं को शिक्षा दे चुका है। इसे बंद करने की साजिश की जा रही है। प्रधानाचार्य रश्मि यादव के अनुसार विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक बालक-बालिकाएं और कक्षा छह से हाईस्कूल तक छात्राएं अध्ययनरत हैं। वर्तमान में यहां 243 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।प्रदर्शन में शामिल अभिभावक मीरा, जूही और पूनम समेत सभी अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों की पढ़ाई का यही एक सहारा है। यदि स्कूल बंद हुआ तो बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी और कई परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा भी बच्चों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजधानी में बच्चों की शिक्षा पर इस तरह का संकट चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विद्यालय को बचाने की मांग उठाने का आश्वासन दिया।वहीं शिक्षक संगठनों ने भी संघर्ष का एलान किया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी, महासचिव आशीष कुमार सिंह सहित कई शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा






