अमेरिकी कानून से नहीं चलेगा भारत!’ जुकरबर्ग की माफी के बाद भी सरकार का Meta पर कड़ा रुख; देना होगा जवाब. मामला प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को फेसबुक से डिलीट करने का




अमेरिकी कानून से नहीं चलेगा भारत!’ जुकरबर्ग की माफी के बाद भी सरकार का Meta पर कड़ा रुख; देना होगा जवाब. मामला प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को फेसबुक से डिलीट करने का
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक वीडियो हटाने के मामले में मेटा की मुश्किल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. पीएम मोदी के वीडियो को करीब 4 घंटे से भी ज्यादा समय तक प्लेटफॉर्म से हटाने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अब सरकार ने मेटा से फिर जवाब मांगा है. सरकार ने कंपनी से भारतीय कानूनों के पालन, उसके एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर सीधे सवाल-जवाब शुरू कर दिए हैं. स्थिति यह है कि खुद मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की ओर से सरकार से माफी मांगी गई है, लेकिन सरकार अब टेक कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए नियमों औरचेक्स-एंड-बैलेंस को परखने के मूड में है. सूत्रों के मुताबिक, सरकारी अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कंपनी की प्रणाली में संवैधानिक और कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संतुलन और जांच व्यवस्था है या नहीं. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, सरकारी सूत्रों का कहना है, US कानून के हिसाब से भारत में प्लेटफॉर्म नहीं चलाए जा सकते. ये टेक्निकल मामले हैं. हर पहलू को समझना होगा. इसका मकसद हमारे समाज के फायदे के लिए कानून का इस्तेमाल करना है. सभी प्लेटफॉर्म की, सभी संस्थाओं की तरह, समाज और कानून के प्रति जिम्मेदारी होती है.
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.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार की तरफ से मेटा की ग्लोबल टीम के साथ लगातार बातचीत चल रही है. मेटा की टीम अभी कुछ दिन भारत ही रहेगी. सरकार ने मेटा से उसके एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम से जुड़ी विस्तृत जानकारी और कार्यप्रणाली की रिपोर्ट मांगी है. सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को मेटा के ग्लोबल लीडरशिप टीम के साथ मीटिंग कर रहे हैं. इस बैठक के बाद भी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की टेक्निकल टीम और मेटा की टीम के बीच बातचीत जारी रहने की संभावना है







