कैसे कम होगी डीजल-पेट्रोल की खपत. क्या देशवासी गंभीरता से लेंगे प्रधानमंत्री के आग्रह को. नेताओं- अधिकारियों को लेने होंगे कड़े निर्णय. तभी मोदी जी के आवाहन को मिल पाएगी दिशा


कैसे कम होगी डीजल-पेट्रोल की खपत. क्या देशवासी गंभीरता से लेंगे प्रधानमंत्री के आग्रह को
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही तेलंगाना राज्य के हैदराबाद में आयोजित रैली में देशवासियों से आग्रह किया कि वे डीजल- पेट्रोल की खपत को कम करें तथा वर्क फॉर होम को प्राथमिकता दें एवं पिछले दो महीने से चल रहे तेल संकट को लेकर सरकार के ऊपर बोझ बढ़ते जा रहा है। इस कम करने की आवश्यकता है।मोदी जी की इस बात को पेशवादी कितना गंभीरता से लेंगे यह तो आने वाला समय ही तय करेगा। किंतु केंद्र एवं राज्य सरकारों को भी डीजल पेट्रोल की खपत कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुधार एवं संशोधन करने होंगे तभी यह सभी संभव हो पाएगा
राज्य एवं जिला स्तर पर होने वाली सरकारी बैठकों का माध्यम हो वर्चुअल
आज राज्य एवं जिला स्तर पर होने वाली सरकारी अधिकारियों की बैठक प्रति सप्ताह एवं प्रति माह आयोजित की जाती है। जिसमें हजारों की संख्या में अधिकारी अपने वाहनों से इन बैठकों में पहुंचते हैं इन बैठकों का आयोजन वर्चुअल हो एवं वर्चुअल रूप से अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं
मंत्रियों- सांसदों- विधायकों के दौरो पर लगे प्रतिबंध
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के मंत्री राजनैतिक दलों के मंत्रीगण. सांसद एवं विधायक जो लगातार दौरा करते हैं। एवं उनके काफिले में 10-10-20 गाड़ियां साथ में रहती हैं। इन दौरों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए तथा मंत्री. सांसद एवं विधायक अपने कार्यालय एवं दफ्तर में बैठकर आम जनता की समस्याएं सुने एवं जरूरी हो तो वे क्षेत्र में जाएं
राजनैतिक दलों की सभाओं पर लगे प्रतिबंध
राजनैतिक दलों की आम सभाओं/रैलियों में हजारों- लाखों की संख्या में लोगों को भीड़ जुटाने के लिए इकट्ठा किया जाता है जिसमें भारी तादाद में छोटे-बड़े वाहन मैनेज किए जाते हैं। यदि इन आमसभा और रैलियां पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो देश भर में बहुत हद तक डीजल- पेट्रोल की खपत को काम किया जा सकता है
कार एवं बाइक निर्माण करने वाली कंपनियों पर भी साल भर के लिए लगाया जाए निर्माण पर प्रतिबंध
आज देश में कार एवं मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पादन को लगातार बढाते जा रही है। जिसके चलते लोग आसानी से गाड़ियां खरीद लेते हैं एवं इन गाड़ियों की बिक्री एवं निर्माण पर यदि एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाए तो बहुत हद तक आने वाले समय में नई गाड़ियों के माध्यम से होने वाली डीजल- पेट्रोल की खपत पर अंकुश लगाया जा सकता है
ई वाहन को प्रोत्साहन देने कीमतों में की जाए कटौती
देश भर में छोटे बड़े ई वाहनों को प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार को इनकी कीमतों में कटौती करनी चाहिए आज ये वाहन जहां महंगे होने के कारण आम आदमी की पहुंच से दूर हैं। अगर इन वाहनों की कीमतों को कम कर दिया जाए एवं सरकार के टैक्स को कम कर दिया जाए तो निश्चित रूप से ई वाहनों के प्रति आम जनता का रुझान बढ़ेगा एवं डीजल पेट्रोल की मांग भी कम होगी
देश में बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर भी लगाई जाए रोक
देश में आने वाले 1 वर्ष तक के लिए बड़े राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर होने वाले सार्वजनिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए.सार्वजनिक आयोजनों में जहां लोग पहुंचने के लिए वाहनों का उपयोग करते हैं तो कहीं ना कहीं यदि ये आयोजन नहीं होंगे तो निश्चित रूप से डीजल- पेट्रोल की खपत को मैनेज किया जा सकता है
माल ढुलाई के कार्य को सड़क मार्ग की बजाय रेलवे के माध्यम से किया जाए अधिक से अधिक
देशभर में वर्तमान में माल ढुलाई का कार्य 70% सड़क मार्ग से होता है। इसे अधिक से अधिक रेलवे के माध्यम से ढुलाई की जाए। जिससे डीजल की होने वाली भारी खपत को भी बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। एवं जहां तक संभव हो रेलवे के माध्यम से ही यह कार्य हो
मोटरसाइकिल पर भ्रमण करें सरकारी अधिकारी
केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी बड़े वाहनों से क्षेत्र में भ्रमण करते हैं इन अधिकारियों को भी मोटरसाइकिलों के माध्यम से भ्रमण करने हेतु निर्देशित किया जाए जिससे बड़े वाहनों पर होने वाले भारी तादाद में डीजल की खपत को कम किया जा सके









