अपने बच्चों को ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन की दिलाए शिक्षा, संकल्प एकेडमी के डायरेक्टर डॉ. नितेश अग्रवाल ने कहा-ऑफलाइन शिक्षा से बच्चों के शैक्षणिक भविष्य का होता है तेजी से विकास, शिक्षक एवं विद्यार्थियों के बीच ऑफलाइन कक्षाओं से होता है सीधा संवाद




अपने बच्चों को ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन की दिलाए शिक्षा, संकल्प एकेडमी के डायरेक्टर डॉ. नितेश अग्रवाल ने कहा-ऑफलाइन शिक्षा से बच्चों के शैक्षणिक भविष्य का होता है तेजी से विकास, शिक्षक एवं विद्यार्थियों के बीच ऑफलाइन कक्षाओं से होता है सीधा संवाद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- विगत वर्षों भारत देश में कोरोना के संक्रमण काल ने जहां शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव किया, तो वहीं उच्च शिक्षा एवं स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था प्रारंभ की गई तथा तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए वह शिक्षा पद्धति जरूरी भी थी, किंतु आज पुनः समय बदल चुका है, तथा कोरोना के संक्रमण काल के पश्चात सामान्य परिस्थितियों में भी आज जहां भारत देश में ऑनलाइन पद्धति से ही बच्चे पढ़ना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, किंतु इस ऑनलाइन शिक्षा के जहां काफी नुकसान है, एवं बच्चों के शैक्षणिक भविष्य का जिस तेजी से विकास होना चाहिए वह कहीं ना कहीं रुक सा गया है, जिसे लेकर देश के बड़े एजुकेशनल सेमिनारों पर इस पर लंबी चर्चाएं भी होती हैं, तो वहीं प्रख्यात शिक्षाविद भी इस पर अपने सुझाव देते हुए इस ऑनलाइन शिक्षा को कहीं ना कहीं वर्तमान समय में उतना फायदेमंद नहीं बताते
इन्हीं सब बातों को लेकर जिला मुख्यालय जांजगीर चाम्पा के प्रतिष्ठित संकल्प एकेडमी के डायरेक्टर डॉक्टर नितेश अग्रवाल ने भी कहा कि यह सोचनीय विषय की प्रायः देखा जा रहा है कि आजकल माता- पिता बच्चों को बड़े नाम वाले कोचिंग से ऑनलाइन क्लासेस दिलवा रहे है, जहां एक ओर हम अपने बच्चों को सोशल मीडिया से मोबाइल से दूर रखने की बात करते है, वहीं हम अपने बच्चों को ऑनलाइन जैसे कोचिंग क्लॉस लेने के लिये प्रेरित कर रहे है, जो कि बच्चों के भविष्य के लिए फायदेमंद नहीं है,यह बात बड़े- बड़े मोटिवेशनल स्पीकरो द्वाराभी अपने संवाद में अप्रत्यक्ष रूप से बताई जाती है
ऑनलाइन कक्षा vs ऑफलाइन कक्षाएं: कौन बेहतर है ?
ऑनलाइन कक्षा से क्या है बच्चो को नुकसान
01- सीमित संवादः शिक्षक और छात्र के बीच बातचीत कम होती है।
02- ध्यान भटकना आसान: सोशल मीडिया या गेम्स में मन भटक सकता है।
03- प्रैक्टिकल अनुभव की कमी: लैब वर्क और फील्ड एक्सपीरियंस नहीं मिल पाता।
04- इंटरनेट और डिवाइस पर निर्भरताः सभी के पास अच्छा नेटवर्क और डिवाइस नहीं होता
ऑनलाइन कक्षा के क्या है फायदे
01- लचीलापनः छात्र अपनी सुविधा के अनुसार समय चुन सकते हैं।
02- स्थान की स्वतंत्रताः कहीं से भी क्लास अटेंड कर सकते हैं।
ऑफलाइन कक्षाएं : बच्चों को क्या होता है इसका प्रत्यक्ष लाभ
01- सीधा संवादः शिक्षक और छात्रों के बीच बेहतर समझदारी।
02- अनुशासन और दिनचर्याः समय पर क्लास आना, फिक्स्ड शेड्यूल होता है।
03- समूह गतिविधियाँ और दोस्तीः सहपाठियों के साथ मिलकर पढ़ाई और टीमवर्क सीखते हैं। व्यावहारिक अनुभवः लैब्स, प्रोजेक्ट्स और फील्ड वर्क का लाभ।
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षा, दोनों के आकलन से क्या है इसका निष्कर्ष
ऑनलाइन शिक्षा तकनीकी युग के लिए उपयुक्त है,और उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो दूर-दराज में रहते हैं या लचीले समय की ज़रूरत है।
दोनों तरीकों की तुलना करें
ऑफलाइन शिक्षा पारंपरिक लेकिन प्रभावी है, खासकर व्यावहारिक विषयों और सामाजिक विकास के लिए।
संकल्प एकेडमी चाम्पा के डायरेक्टर एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉक्टर नितेश अग्रवाल कहते हैं कि उपरोक्त समस्त आकलनों को देखते हुए आज ऑफलाइन शिक्षा ही आपके बच्चों के शैक्षणिक भविष्य के लिए काफी प्रबल है, एवं यथासंभव अपने बच्चों को ऑफलाइन शिक्षा दिलाये, चाहे वह छोटी क्लास हो, बड़ी क्लास हो या की उच्च शिक्षा हो, प्रत्यक्ष रूप से बच्चों को शिक्षा केंद्र में भेजें एवं शिक्षा दिलाये तथा संकल्प एकेडमी चाम्पा भी बच्चों के सुनहरे शैक्षणिक भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित होकर विभिन्न माध्यमों से शिक्षा प्रदान कर रही है



