ब्रेकिंग न्यूज़-विपक्षी सांसदों को मोदी द्वारा लिखे गए पत्र का नहीं हुआ असर- सूत्र. मुख्य विपक्षी पार्टी डीलिमिटेशन बिल 2026 का करेगी पुरजोर विरोध. डीलिमिटेशन को जनगणना से जोड़ना कांग्रेस को मंजूर नहीं


विपक्षी सांसदों को मोदी द्वारा लिखे गए पत्र का नहीं हुआ असर- सूत्र. मुख्य विपक्षी पार्टी डीलिमिटेशन बिल 2026 का करेगी पुरजोर विरोध
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल से होने वाले संसद के विशेष सत्र को लेकर सभी विपक्षी पार्टियों के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखकर विशेष सत्र में सहयोग करने का आग्रह किया था। किंतु सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य विपक्षी पार्टी डिलिमिटेशन बिल 2026 का विरोध करेगी। महिला आरक्षण कानून को नई जनगणना और डिलिमिटेशन से जोड़ना कांग्रेस को मंजूर नहीं है।इसी वजह से पार्टी इस बिल के खिलाफ वोट कर सकती है।कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा स्वरूप में दोनों कानूनों का आपस में जुड़ाव स्वीकार्य नहीं है। पार्टी संसद में महिला आरक्षण कानून को जनगणना 2027-28 से अलग करने वाले संशोधन का भी विरोध कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे पर बोल सकते हैं, वहीं राज्यसभा में सोनिया गांधी भी कांग्रेस का पक्ष रख सकती हैं।कांग्रेस का आरोप है कि सरकार 2026 में प्रस्तावित नए डिलिमिटेशन के जरिए राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां
01- डिलिमिटेशन को सीधे नई जनगणना से जोड़ना
02- डिलिमिटेशन आयोग को केंद्रीय भूमिका देना
03- सीटों के बंटवारे, आरक्षित सीटों और सीमांकन पर असर



