शक्ति जिले के कृषि उपसंचालक ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी-खराब मौसम की संभावना को देखते हुए किसानों को फसलों, सब्जियों एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने के लिए गए निर्देश. मामला संभावित चक्रवाती तूफान का

शक्ति जिले के कृषि उपसंचालक ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी-खराब मौसम की संभावना को देखते हुए किसानों को फसलों, सब्जियों एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने के लिए गए निर्देश

शक्ति छत्तीसगढ़ के कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -शक्ति जिले में कृषि उपसंचालक ने जिला प्रशासन के निर्देशानुसार किसानों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना है। दिनांक 28 एवं 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए कृषि विभाग, जिला सक्ती द्वारा किसानों को अपनी फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की एडवाइजरी जारी की गई है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश की संभावना को देखते हुए धान एवं अन्य फसलों की कटाई मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर करें तथा कटी हुई फसल को सुरक्षित एवं सूखी जगह पर रखें। खेतों में पानी भरने से रोकने के लिए पानी निकासी की व्यवस्था करें। फसलों में कीट एवं बीमारी दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें तथा खराब मौसम के दौरान दवाओं का छिड़काव करने से बचें। सब्जियों एवं फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए खेतों में पानी जमा न होने दें। लौकी, करेला एवं अन्य बेल वाली सब्जियों को सहारा दें तथा केले के पौधों को गिरने से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करें। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही सब्जियों की बुवाई करें। पशुओं की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित एवं सूखी जगह पर रखें। बिजली चमकने एवं गरजने के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधें तथा उनके लिए स्वच्छ पानी एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी जानकारी पर ध्यान दें तथा बारिश एवं तेज हवा की स्थिति में अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

कलेक्टर ने अर्नब साइक्लोन के संभावित वर्षा को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के दिए निर्देश।चंद्रपुर, डभरा सहित कलमा बैराज, साराडीह बैराज व संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के दिए निर्देश।कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की।अलर्ट मोड पर रहे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी

शक्ति -मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर को सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसके तहत कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए आज सभी एसडीएम, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग व अन्य सभी मैदानी स्तर के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी एसडीएम, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग व अन्य सभी संबंधित अधिकारी शामिल हुए।कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने जिले के पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, मौसम संबंधी चेतावनियों की लगातार निगरानी करने तथा राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत सहित सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को जिले के सभी ग्रामों के सचिव, रोजगार सहायक सहित अनुभाग स्तर पर सभी संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों की बैठक लेकर संभावित वर्षा की जानकारी देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इन स्थितियों में कोई भी अधिकारी कर्मचारी बिना सक्षम अनुमति के अवकाश पर न जाए। कलेक्टर ने जिले के कलमा बैराज, साराडीह बैराज, चंद्रपुर, डभरा सहित सभी संभावित प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर मुनादी करके लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संभावित वर्षा को देखते हुए विद्युत विभाग को विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ रखने, आंधी तूफान के कारण पेड़ आदि गिरने पर उन्हें हटाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित रखने, जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित रखने, आवश्यकता अनुसार राहत शिविर की तैयारियां रखने सहित अन्य संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए।कलेक्टर ने निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों तथा बाढ़ की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर राहत एवं बचाव की व्यवस्था तैयार रखने को कहा है। एसडीआरएफ, होमगार्ड और अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों सहित तैयार रखने तथा जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जल निकासी की स्थिति बनने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सूचित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।कलेक्टर श्रीमती जैन ने अधिकारियों को तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और जिले को पूरी तरह सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील

कलेक्टर श्रीमती जैन ने जिले के नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वर्षा के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाले स्थानों और उफनते नालों के पास जाने से बचें। जलभराव या किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल जिला स्तरीय आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम नंबर 07757299304 और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें तथा बचाव कार्य में जुटे दलों का सहयोग करें।

कलेक्टर ने पीवी एप सर्वे के कार्यों का किया समीक्षा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्रीमती जैन द्वारा पीवी एप सर्वे कार्यों के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने आगामी 31 अक्टूबर एवं 2 नवम्बर को आयोजित होने वाले विशेष ग्रामसभा अंतर्गत सभी ग्राम या ग्राम पंचायत मुख्यालय में एग्रीस्टेक अंतर्गत फॉर्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे व स्वामित्व योजना का वाचन कर सूची को ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में चस्पा किए जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस बात का विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी किसान एग्रिस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे से वंचित न हो और उनका पंजीयन हो जाए।

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