हमर भांचा राम,राम जी की आस्था का अभूतपूर्व जुनून–राम वन गमन पथ पदयात्रा लेकर सकती पहुंचे मनोज चतुर्वेदी,सक्ति एवं बाराद्वार में हुआ जोरदार स्वागत, बाराद्वार के महेश शर्मा ने शक्ति की प्रवेश सीमा पर किया मनोज का स्वागत

<em>हमर भांचा राम,राम जी की आस्था का अभूतपूर्व जुनून--राम वन गमन पथ पदयात्रा लेकर सकती पहुंचे मनोज चतुर्वेदी,सक्ति एवं बाराद्वार में हुआ जोरदार स्वागत, बाराद्वार के महेश शर्मा ने शक्ति की प्रवेश सीमा पर किया मनोज का स्वागत</em> kshititech
शक्ति की प्रवेश सीमा पर महेश शर्मा एवम राम भक्तों ने किया मनोज चतुर्वेदी का स्वागत
<em>हमर भांचा राम,राम जी की आस्था का अभूतपूर्व जुनून--राम वन गमन पथ पदयात्रा लेकर सकती पहुंचे मनोज चतुर्वेदी,सक्ति एवं बाराद्वार में हुआ जोरदार स्वागत, बाराद्वार के महेश शर्मा ने शक्ति की प्रवेश सीमा पर किया मनोज का स्वागत</em> kshititech
बाराद्वार शहर में मनोज चतुर्वेदी के आगमन के दौरान सत्संग कार्यक्रम
<em>हमर भांचा राम,राम जी की आस्था का अभूतपूर्व जुनून--राम वन गमन पथ पदयात्रा लेकर सकती पहुंचे मनोज चतुर्वेदी,सक्ति एवं बाराद्वार में हुआ जोरदार स्वागत, बाराद्वार के महेश शर्मा ने शक्ति की प्रवेश सीमा पर किया मनोज का स्वागत</em> kshititech
पैदल यात्री मनोज चतुर्वेदी के साथ महेश शर्मा अन्नपूर्णा

हमर भांचा राम,राम जी की आस्था का अभूतपूर्व जुनून–राम वन गमन पथ पदयात्रा लेकर सकती पहुंचे मनोज चतुर्वेदी,सक्ति एवं बाराद्वार में हुआ जोरदार स्वागत, बाराद्वार के महेश शर्मा ने शक्ति की प्रवेश सीमा पर किया मनोज का स्वागत

सक्ति से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- शक्ति शहर में 18 सितंबर को राम वन पथ गमन की जानकारी देने पैदल पदयात्रा पर निकले मनोज चतुर्वेदी का आगमन हुआ,इस दौरान शहर की प्रवेश सीमा में अन्नपूर्णा बाराद्वार के संचालक महेश शर्मा एवं राम भक्तों ने उनका स्वागत किया तथा उनके साथ पैदल चलते हुए शक्ति तक पहुंचे एवं 19 सितंबर को बाराद्वार शहर के श्री अग्रसेन भवन में मनोज चतुर्वेदी ने लोगों से चर्चाएं की एवम सत्संग भी हुआ जिसमें शहर वासी उपस्थित थे,इस अवसर पर मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि दोस्तो नमस्कार मैं मनोज चतुर्वेदी एक नई यात्रा लेकर आपके बीच आया हूँ,एक एसी यात्रा जिसकी परिकल्पना स्वयं महादेव ने की होंगी,ऐसी यात्रा जो इससे पहले स्वयं भगवान ने की हो,जिस पर चलकर एक पुत्र ने पिता के वचन का मान बढ़ाया,जिस मार्ग पर चलकर सत्य ने असत्य पर विजई पाई हो,जिस यात्रा ने वनवासी एवं आदिवासियों का मान बढ़ाया,और उसी मार्ग पर चलकर हम अपने आपको शाश्वत कर सके,जी हां राम वन पथ गमन के दंडकारण्य क्षेत्र का जहां हमारे श्री राम मां सीता और श्री लखन लाल ने वनवास के दौरान 10 वर्ष से अधिक का समय व्यतीत किया,आज के समय में जब लोगों के अंदर धार्मिक क्षेत्र एवं पर्यटन के प्रति सकारात्मक भाव तथा लोगों में नए स्थानों में जाने एवं उसे देखने और महसूस करने का बहुत ज्यादा उत्साह है

मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे समय में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री राम वन पथ गमन मार्ग को पुनः जीवंत कर हमारी धार्मिक भावनाओं का जो सम्मान किया गया, उसके लिए हम भूपेश सरकार के आभारी है,परंतु हमारी भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उसे मार्ग का अनुशरण करें तथा उसे पुनः प्रशस्त करें,राम सिर्फ राजनीतिक की विषय वस्तु नहीं होनी चाहिए, राम हमारे जीवन की दिनचर्या होनी चाहिए,हमारे परिवार का एक अंग होना चाहिए,आज देश में पर्यटन स्थलों के जो वर्तमान स्थिति है, वह किसी से छुपी नहीं,असल मे फिल्मी पर्यटन ने ज्यादा हालत खराब की है। अब हर किसी को श्रीनगर में बेताब वैली जाना है और हर एक को शिमला में समर हिल स्टेशन,गोवा जिंदगी कैसी है, पहेली जरूर गाना है। और आजकल यू ट्यूब ने रही सही कसर पूरी कर दी। अब तो हर किसी को लेह और स्पीति जाना है। हर एक को लद्दाख में रेंचो के स्कूल में फोटो खींचना है, केदारनाथ मंदिर जाकर रील बनाना है,यह भेड़ चाल है मेरे भाई और यही हाल रहा तो अगले कुछ दिनों में इन स्थानों पर बहुत ज्यादा जाम लगेगा… जैसा कि कई बार सुनने को मिलता है

आजकल ऐवरेस्ट जाने वालों की भीड़ रहती है। जो टीम शिखर पर होती है उनसे तुरंत नीचे आने को कहा जाता है ताकी दूसरी टीम जा सके.. मतलब अब आप अपनी जान जोखिम में डालकर भी प्रकृति को महसूस नहीं कर सकते,सिर्फ भौतिकता को ही हम संपूर्ण मान बैठे है,लेकिन अब हमारी बहनों को हिलेरी बनना होगा,और हमने से किसी को कोलंबस,नई जगह तलाशनी होंगी। नए मार्ग बनाने होंगे। नए शिखर तलाशने होंगे। ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वस्थ एवं स्वच्छ विरासत दें सके,छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने राम वन पथ मार्ग को पुनःजीवंत कर अपने नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए श्री राम के सच्चे मामा होने का कर्तव्य निभाया,अब हमारी बारी है,जोर से बोलिए,हमर भांचा राम,जय जय सियाराम

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