जिला मुख्यालय जांजगीर चांपा में 14 अक्टूबर को भीमा तालाब की बदहाली पर सड़क पर उतरे लोग।गंदगी-नालियों का दूषित पानी पहुंचने पर जताई नाराजगी; एक सप्ताह का अल्टीमेटम। विधायक व्यास कश्यप भी पहुंचे आंदोलन में. विधायक व्यास कश्यप ने कहा- जन भावनाओं से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थल है भीमा तालाब. एकजुट होकर हम सभी उठा रहे हैं आवाज

जिला मुख्यालय जांजगीर चांपा में 14 अक्टूबर को भीमा तालाब की बदहाली पर सड़क पर उतरे लोग।गंदगी-नालियों का दूषित पानी पहुंचने पर जताई नाराजगी; एक सप्ताह का अल्टीमेटम। विधायक व्यास कश्यप भी पहुंचे आंदोलन में. विधायक व्यास कश्यप ने कहा- जन भावनाओं से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थल है भीमा तालाब. एकजुट होकर हम सभी उठा रहे हैं आवाज kshititech
जिला मुख्यालय जांजगीर में 14 अक्टूबर को आयोजित आंदोलन

जिला मुख्यालय जांजगीर चांपा में 14 अक्टूबर को भीमा तालाब की बदहाली पर सड़क पर उतरे लोग।गंदगी-नालियों का दूषित पानी पहुंचने पर जताई नाराजगी; एक सप्ताह का अल्टीमेटम। विधायक व्यास कश्यप भी पहुंचे आंदोलन में. विधायक व्यास कश्यप ने कहा- जन भावनाओं से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थल है भीमा तालाब. एकजुट होकर हम सभी उठा रहे हैं आवाज

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय जांजगीर-चांपा में ऐतिहासिक भीमा तालाब की बदहाली को लेकर लोगों ने जनआंदोलन किया।भीमा बचाओ संघर्ष समिति एवं जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ब्यास कश्यप की अपील पर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। लोगों ने तालाब में गंदगी, नालियों का दूषित पानी और आसपास की दुकानों से निकलने वाले कचरे पर नाराजगी जताई।प्रदर्शनकारियों ने तालाब की सफाई और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में आयोजित आंदोलनकारियों का आरोप है कि आसपास के होटल और मांस-मटन की दुकानों से निकलने वाली गंदगी के साथ नालियों का दूषित पानी भी तालाब तक पहुंच रहा है। इससे तालाब की स्वच्छता और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। लोगों का कहना है कि भीमा तालाब शहर की ऐतिहासिक पहचान है, लेकिन इसकी सफाई और संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

आंदोलनकारियो ने जमकर करी नगरपालिका और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय जांजगीर चांपा में प्रदर्शन के दौरान नगरपालिका और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भीमा तालाब सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि जांजगीर की ऐतिहासिक धरोहर और पहचान है। इसकी अनदेखी से धरोहर को नुकसान पहुंचने का खतरा है।लोगों ने तालाब में गंदगी पहुंचने पर रोक लगाने, नालियों के दूषित पानी का उचित प्रबंधन करने, नियमित सफाई कराने और तालाब के संरक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की।

आंदोलनकारियो ने दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम, फिर नगरपालिका का घेराव

आंदोलनकारियों ने समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो नगरपालिका का घेराव किया जाएगा।

बड़ी संख्या में शहर वासी पहुंचे आंदोलन में

14 अक्टूबर को आयोजित भीमा तालाब बचाओ समिति द्वारा आयोजित आंदोलन में शहर के सभी वार्डों के लोग इसमें शामिल हुए तो वहीं स्थानीय एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी करी तथा शहर वासियों ने धरोहर को बचाने के लिए अपनी एकजुटता दिखाते हुए शक्ति प्रदर्शन भी किया

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